यूं तो आपने भी अक्सर अपने भाई-बहनों से एक दूसरे को तकिए से मारकर खूब लड़ाई की होगी, लेकिन आपको बता दें कि तकिए से लड़ाई यानि पिलो फाइट विदेशों में एक मशहूर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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तकिए लेकर एक दूसरे पर टूट पड़ीं ये लड़कियां, क्या है मामला?
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इस दिन के लिए पहले से ही तैयारियां होने लगती हैं और दुनिया भर के कई हिस्सों में पिलो फाइट के लिए कार्यक्रम रखे जाते हैं।
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लोग इन कार्यक्रमों में अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर हिस्सा लेते हैं और फिर कार्यक्रम के दिन वहां पहुंचकर उसमें भाग लेते हैं।
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पिलो फाइट के भी कुछ नियम होते हैं। जैसे सॉफ्ट पिलो का इस्तेमाल करें, अपने चश्मे निकाल कर जेब में रख लें आदि।
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और इसके बाद शुरू होता है पिलो फाइट का दौर। लोग अपने घरों से तकिए लेकर एक-दूसरे को उस तकिए से मारने लगते हैं।
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सामान्य तौर पर पिलो फाइट दो दिन रखी जाती हैं। पहली शुक्रवार को और दूसरी शनिवार को। कुछ जगहों पर रविवार को भी पिलो फाइट का आयोजन किया जाता है।
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पिलो फाइट में न सिर्फ टीन एजर्स हिस्सा लेते हैं, बल्कि बड़े लोग भी इसमें खूब बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
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पिलो फाइट में लोग अपने परिवार, दोस्तों, गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड के साथ हिस्सा लेते हैं।
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पिलो फाइट में इस्तेमाल होने वाले तकिए फीदर (पंख) के बने होते हैं, इसलिए बहुत सारी गंदगी भी इकट्ठा हो जाती है। लोग खेल खत्म होने पर गंदगी को साफ भी करते हैं।