भारतीय योग गुरुओं ने योग का विस्तार दुनिया के कोने-कोने में किया। योग गुरुओं की इस सूची में अयंगर से लेकर रामदेव तक नाम है। हालांकि ये परंपरा पंतजलि से शुरु होती है। योग दिवस के अवसर पर पढ़िए भारतीय योग गुरुओं की कहानियां।
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जानिए, अयंगर से रामदेव तक, ये हैं भारत के 16 योग दूत
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महर्षि पतंजलि को ‘फादर ऑफ योग’ कहा भी जाता है। महर्षि पतंजलि 195 योग सूत्रों के प्रवर्तक माने जाते हैं, जो इस समय में योग के आधार हैं।
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तिरुमलाई कृष्णमचार्य को 'आधुनिक योग का पितामह' कहा जाता है। उन्हें आयुर्वेद और योग दोनों का ज्ञान था। मैसूर के महराजा के राज में कृष्णमचार्य ने योग को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत का भ्रमण किया। उन्हें अपनी सांसो की गति पर नियंत्रण रखना भी आता है। वह अपनी धड़कनों पर काबू कर सकते थे।
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स्वामी शिवानंद पेशे से डॉक्टर थे और इनका मानना था कि एक योगी को अपने योग में सबसे उपर हास्य को रखना चाहिए। उन्होंने एक गाना भी बनाया था जिसमें 18 गुणों की चर्चा की गई थी। उनका कहना था कि ये हर योगी को प्रयोग में लाना चाहिए। उन्होंने दुनिया को त्रिमूर्ति योग से परिचित कराया जिसमें हठ योग, कर्म योग और मास्टर योग शामिल है।
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के. पट्टाभी जोईस अपने आष्टांग विन्यास योग के लिए मशहूर हैं। कई हॉलीवुड के कलाकार भी जोइस के आष्टांग योग के फैन हैं। मैडोना, स्टिंग और ग्वेनेथ पैल्ट्रो समेत कई हॉलीवुड अभिनेता इनके शिष्य थे।
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बीकेएस अयंगर कृष्णामचार्य के शिष्यों में से एक हैं और इन्होंने योग को विदेशों में फैलाया। उन्होंने पतंजलि के योग सूत्रों को पुनः परिभाषित किया और दुनिया को 'अयंगर योग' का तोहफा दिया। पिछले साल 95 साल की उम्र में मृत्यु हो गई लेकिन इस उम्र में भी वो आधे घंटे तक सर के बल खड़े रह सकेते थे।
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यूपी के सहारनपुर निवासी योग गुरु भारत भूषण को योग का प्रचार प्रसार देश के साथ ही विश्व में करने के लिए जाना जाता है। योगी भारत भूषण ने शुरूआत बॉडी बिल्डिंग से की थी लेकिन जल्द ही इनका रुख योग की ओर मुड़ गया। योग के क्षेत्र में भारत भूषण की उपलब्धियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन्हें देश के पहले ऐसे योग गुरु के रूप में जाना जाता है जिन्हें पदमश्री से सम्मानित किया गया।
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महर्षि महेश योगी ट्रांसैडेंटल मेडिटेशन के प्रवर्तक है। इसके अतंर्गत आँख बंद कर के मंत्र पढ़ते हुए ध्यान किया जाता है। ट्रांसैडैंटल मेडिटेशन ऐसा ध्यान है जिसमें ध्यान करने वाला व्यक्ति दुनिया से परे हो जाता है।
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परमहंस योगानंद क्रिया योग के प्रवर्तक हैं। उन्होंने पश्चिम के लोगों को क्रिया योग से परिचित कराया। क्रिया योग में क्रिया के माध्यम से योगी अपना सारा जोर क्रियाओं को एकजुट करने पर डाला जाता है।
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जग्गी वासुदेव को उनके जानने वाले उन्हें सद्गुरु के नाम से जानते हैं। वासुदेव कर्नाटक के रहने वाले है। उन्होंने इशा फांउंडेशन की शुरुआत की थी और उसके माध्यम से पूरी दुनिया को योग सिखाते हैं। इन्होंने 1996 में भारतीय हॉकी टीम को भी योग अभ्यास कराया था।
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ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर योग कि दुनिया में अपनी 'सुदर्शन क्रिया' से प्रचलित हैं। इस के अंतर्गत सांस को कैसे और किस प्रक्रिया में शरीर के भीतर लें और उसे बाहर छोड़े। रविशंकर इसे एक कविता की तरह मानते हैं।
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आज अगर योग को दुनिया इतने वृहद स्तर पर जानती है तो उसका अधिकतम श्रेय लोग बाब रामदेव को ही देते हैं। अपने कपालभाती और अनुलोम विलोम व्यायाम ने बाबा रामदेव को और भी पहचान दिलाई। उन्होंने योग को टीवी के माध्यम से लोगों के दहलीज तक पहुंचाया।
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बिक्रम चौधरी का नाम आधुनिक योग गुरुओं में शुमार है। उनके बिक्रम योगा के पश्चिम के लोग खासे दीवाने हैं। घुटनों में लगी चोट के दर्द को उन्होंने योग की मदद से ठीक किया और फिर इसको ही अपना सब कुछ मान कर लोगों को योग सीखाना शुरु कर दिया। बिक्रम अपने बिक्रम योगा के कारण खासे मशहूर हैं।
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स्वामी आत्माप्रियनंदा रामकृष्ण मिशन विवेकानंद यूनिवर्सिटी के
कुलपति हैं। कहा जाता है कि इस संस्थान से पीएम मोदी का जुड़ाव काफी पुराना
है।
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हंसाजी जयदेव योगेंद्र की ओर से मुंबई के सांता क्रूज इलाके में चलाया जाने वाला योग संस्थान दुनिया का सबसे पुराना संगठित योग केंद्र है।इस योग केंद्र के जरिए रोजाना न्यूनतम हजार लोगों को लाभान्वित किया जाता है। हंसाजी खुद अंतराष्ट्रीय योग बोर्ड की अध्यक्ष हैं।
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72 वर्षीय एचआर नागेन्द्र 2 लाख से ऊपर अस्थमा के रोगियों का सफल इलाज कर चुके हैं। नागेन्द्र प्रधानमंत्री मोदी के योग सलाहाकार भी है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि वे हर साल गुजरात के कैबिनेट मंत्रियों और मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को योग सिखाने जाते हैं।
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सुनील सिंह को परंपरा और आधुनकिता दोनों का मिश्रण कहा जा सकता है। सुनील अपने यहां योग सीखने आए लोगों को राशिचक्रों, हास्य योग और योग-ची सीखाते हैं। योग-ची योग का एक नया हिस्सा है जो ध्यान से मिलता जुलता है। इन्होंने भी लोगों तक अपनी पहुचं टीवी और अखबारों के माध्यम से जनता तक पहुंचाई।
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भारत ठाकुर अपने कलात्मक योग के लिए विख्यात हैं। भारत द्वारा सिखाए जाने वाले योग के आसान केवल सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल रुप तक सीमित न होकर लोगों को जीने और सांस लेने का विज्ञान भी सिखाते हैं। भारत मुख्यतः प्राणायाम, बंधकर्म, शतकर्म मुद्रा, और ध्यान संबंधी योग के आसान करते हैं।