यूपी में राजस्व विभाग की ओर से बूंदीभूड़ में जंगलात की जमीन पर बसाए गए बाढ़ पीड़ितों को वहां से हटाने गए वनकर्मियों, पुलिस और राजस्व टीम को महिलाओं ने डंडे लेकर दौड़ा दिया। अफसरों, कर्मियों सभी पर डंडे बरसाए।
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अफसरों, पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ाकर महिलाओं ने पीटा
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डीएफओ की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई। इस दौरान किसी ने एक झोपड़ी में भी आग लगा दी। एसपी सोनिया सिंह के अनुसार अभी वन विभाग की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शारदा नदी में इस साल बरसात में बाढ़ आने से विस्थापित हुए करीब 40 परिवारों को राजस्व विभाग ने बूंदीभूड़ की खाली जमीन पर बसा दिया था। वन विभाग ने इस जमीन को अपना बताते हुए नौ नवंबर तक खाली करने का नोटिस बाढ़ पीड़ितों को दिया था। जमीन खाली न होने पर बृहस्पतिवार को डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ, रेंजर वन कर्मियों के साथ बूंदीभूड़ पहुंचे।
अफसरों, पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ाकर महिलाओं ने पीटा
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तहसीलदार दिग्विजय सिंह राजस्व टीम और पुलिस फोर्स के साथ आए हुए थे। डीएफओ ने वहां बसाए गए लोगों से जमीन खाली करने को कहा, लेकिन लोगों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। सख्ती बरतने पर ग्रामीण उग्र हो गए।
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डीएफओ ने ग्रामीणों को समझाना चाहा लेकिन एकाएक महिलाएं हाथ में डंडे लेकर उनकी ओर दौड़ पड़ीं। इससे वहां भगदड़ मच गई। महिलाओं ने अधिकारियों, वनकर्मियों, पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर डंडे बरसाए। किसी ने टूटी पड़ी एक झोपड़ी में आग लगा दी और डीएफओ की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी। वहां से किसी तरह भागे वनकर्मियों ने एसएसबी कैंप में शरण ली।
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डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया राजस्व टीम ने बाढ़ पीड़ितों को गलत तरीके से खाली वनभूमि पर बसा दिया था। जमीन खाली कराने को वे लोग मौके पर गए थे लेकिन ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।