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पानी के लिए मचा हाहाकार, प्लेन से पहुंचा पानी

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मालदीव की राजधानी माले के एक जल संयंत्र में आग लगने की वजह से पैदा हुई पीने के पानी की किल्लत को देखते हुए भारत ने वायुसेना के मालवाहक विमानों और नौसेना के पोतों के जरिए पानी भेजा है। इससे पेयजल के संकट से जूझ रहे माले के करीब एक लाख लोगों की पानी की जरूरतों को फौरी तौर पर पूरा किया जा सकेगा। मालदीव में अचानक पैदा हुए पेयजल संकट के बाद सरकार ने भारत से मदद की गुहार लगाई थी। जिस पर तुरंत कदम उठाते हुए भारत ने अपने विमानों और पोतों को रवाना कर दिया है।
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पानी के लिए मचा हाहाकार, प्लेन से पहुंचा पानी

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माले स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संकट से वाकिफ हैं और उन्होंने मालदीव के लोगों और देश के शीर्ष नेतृत्व को पूरा सहयोग देने का वादा किया है। माले में भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, "भारत और मालदीव के बीच मजबूत, दोस्ताना और गहरे रिश्तों को ध्यान में रखते हुए भारत ने मालदीव की ओर से की गई गुजारिश पर तत्काल और मुस्तैदी के साथ प्रतिक्रिया दी।"
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पानी के लिए मचा हाहाकार, प्लेन से पहुंचा पानी

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फौरी जरूरत पूरा करने के लिए पहला विमान (आईएल 76) शुक्रवार को दोपहर सवा एक बजे पानी की बड़ी खेप लेकर माले पहुंचा। उस समय वहां मालदीव के रक्षा व राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री रिटायर्ड कर्नल मोहम्मद नाजिम मछली पालन मंत्री शाइनी, पर्यावरण मंत्री तारिक इब्राहिम, राजदूत अब्दुल हमीद के साथ मौजूद थे। नाजिम को जल संकट से निपटने के लिए बनाई गई कार्यबल का प्रमुख बनाया गया है। इसके बाद दो और विमान आईएल-76 और सी-17 भी पानी लेकर पहुंचेंगे।

पानी के लिए मचा हाहाकार, प्लेन से पहुंचा पानी

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माले के वाटर और सीवरेज कंपनी के जेनरेटर कंट्रोल पैनल में बृहस्पतिवार को आग लग गई थी जिससे वहां की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। माले में टैंकों और अन्य भंडारों में रखे गए पेयजल की आपूर्ति हर 12 घंटे में एक  घंटे के लिए की जाती है। मालदीव हिंद महासागर में एक द्वीपीय देश है जिसके पास प्राकृतिक पानी कोई स्रोत नहीं है और वह पूरी तरह से शोधित समुद्री पानी पर आधारित है।
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नौसेना ने भी आईएनएस सुकन्या पोत को पानी लेकर रवाना किया है, जो जल्द ही पहुंच जाएगा। आईएनएस सुकन्या नौसेना का समुद्री निगरानी पोत है। इस पोत में लगे दो रिवर्स ऑसमोसिस आरओ संयंत्र (खारे पानी को शुद्ध पेयजल में तब्दील करने का संयंत्र) से रोजाना 20 टन ताजा पेयजल मुहैया करवाया जा सकता है। पोत पर 35 टन पेयजल लादा गया है। इसके अलावा बडे़ टैंकर से लैस आईएनएस दीपक को मुंबई से रवाना कर दिया गया है। जबकि दो तटीय निगरानी पोतों को जरूरत के मुताबिक तैयार रहने को कहा गया है। मालदीव के रक्षामंत्री नाजिम ने भारत की इस फौरी राहत सहायता के लिए आभार जताया है।
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