नवरात्रों में बुलंदशहर की कर्णवास-बेलौन वाली मइया की जात (दर्शन और विशेष पूजा) करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली मंगलवार देर शाम सांकरा हजारा गंग नहर में पलट गई। इससे उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शेष दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। (सभी फोटो और रिपोर्ट: अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़)
विज्ञापन
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
2 of 15
ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर नहर में पलट गया। श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर वहां आसपास के ग्रामीण इकट्ठे हो गए और नहर में डूबे लोगों को बाहर निकालने के प्रयासों में जुट गए। देर रात 11 बजे प्रशासन की ओर से सभी को नहर से बाहर निकालने का दावा किया गया। उधर, पुलिस-प्रशासनिक टीम के देरी से आने पर भड़के ग्रामीणों ने बसों के शीशे तोड़ दिए और जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
3 of 15
बताते हैं कि कासगंज जनपद के गंजडुडवारा थाना क्षेत्र के गांव बांसी निवासी सुनील कुमार पुत्र रामकिशोर अपने ट्रैक्टर में परिजनों व रिश्तेदारों को लेकर कर्णवास और बेलौन स्थित देवी मंदिरों पर जात कराने जा रहा था। ट्रैक्टर में करीब 37 लोग सवार थे, लेकिन शाम साढ़े छह बजे सांकरा से हजारा नहर की पटरी पर चलते समय गांव लहरा के पास कट को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित हो कर नहर में पलट गई।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
4 of 15
ट्रैक्टर में सवार अधिकांश लोग गांव बांसी व पड़ोसी गांव बड़ागांव के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार हैं। हादसे के शिकार लोगों की पहचान भूरे पुत्र राकेश (35), नानू पुत्री योगेश (6), मुन्नी देवी पत्नी रामकिशोर (45), राखी पुत्री जयप्रवेश (10) के रूप में की गई है। एक दर्जन घायलों को सीएचसी अतरौली और गंभीर रूप से घायल डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को जिला मुख्यालय लाया गया है। इनमें से आधा दर्जन की हालत नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
5 of 15
इधर, दुर्घटना की खबर मिलले ही मंडलायुक्त चंद्रकात, डीआईजी गोविंद अग्रवाल, डीएम डॉ. बलकार सिंह, एसएसपी जे रविंद्र गौड़ भी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और वालंटियर की टीम पहले ही मौके पर पहुंच गई थी। देर रात मौके पर क्रेन बुला कर ट्रैक्टर को नहर से निकालने का काम शुरू किया गया।
विज्ञापन
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
6 of 15
एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने देर रात सवा बारह बजे जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना में परिजनों से बातचीत के आधार पर 31-32 लोगों के ट्रॉली में सवार होने की पुष्टि हुई, जिनमें से 4 की मौत हो गई। बाकी घायल सुरक्षित मिल गए हैं। फिर भी आशंकाओं और लोगों के सवालों को ध्यान में रखकर नरौरा से नहर में पानी रुकवा दिया गया है।
विज्ञापन
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
7 of 15
एसएसपी ने बताया कि पहले से ही नहर का बहाव बहुत ज्यादा नहीं था। फिर भी पानी रुकने के बाद राहत मिलेगी। सुबह होते-होते जैसे ही पानी कम होगा तो नहर में स्थिति साफ होने लगेगी। तब तक दुर्घटनास्थल से आगे के पुलों के सहारे जाल आदि डलवा दिए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया है। नहर में पानी थमने पर स्थिति बिल्कुल साफ हो जाएगी।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
8 of 15
ग्रामीणों के साहस को सलाम करना चाहिए। बेशक चार लोगों की जान नहीं बचा पाए, पर उनके प्रयासों से अधिकांश लोगों को मौत के मुंह से निकल लिया गया। कासगंज और बड़ागांव के श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली नहर में पलटते देख बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नहर में डूबे बच्चों और बड़ों को हाथों-हाथ बाहर खींच लिया।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
9 of 15
पेट में पानी भरने से अधिकांश श्रद्धालु बेसुध हो गए थे, इसलिए शुरुआत में 11 लोगों की मौत की खबर फैल गई, मगर अस्पताल में इलाज के दौरान चार की मौत की पुष्टि हुई। वैसे, नहर में डूबे आधा दर्जन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। उन्हें देर रात मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
10 of 15
बताते हैं कि नरौरा गंगा से निकलकर जब सांकरा से श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली नहर की पटरी पर चढ़ी तो गांव लहरा के पास पलट गई। यह नजरा जब वहां से गुजरते लोगों ने देखा तो बचाव के लिए दौड़ पड़े। घटना की जानकारी मिलने पर वहां और ग्रामीण आ गए। इस बीच किसी ने इसकी सूचना थाना व तहसील मुख्यालय को भी दे दी। मगर पुलिस प्रशासनिक टीम को मौके पर पहुंचने में देर होने से ग्रामीण भड़क गए।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
11 of 15
उन्होंने वहां से गुजरती बसों पर अपना गुस्सा निकालना शुरू कर दिया। कई बसों के शीशे तोड़ डाले। हंगामा भी किया। ग्रामीण इस बात से भी गुस्से में थे कि वे नहर पटरी को घायलों को निकालकर वहां लिटाने के प्रयोग में ले रहे थे। मगर इस बीच वाहन नहीं रुक रहे थे। उन्हें रोकने के लिए ग्रामीणों को हंगामा करना पड़ा। सूचना मिलने पर वहां एसडीएम व एसओ दादो के साथ एसओ पाली, एसओ अतरौली, एसओ छर्रा भी पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
12 of 15
घायलों की सूची: ट्रैक्टर चालक सुनील उपाध्याय (30) पुत्र रामकिशोर, सुनील की पत्नी प्रियंका (28), रामलढ़ेते (48), ओमपाल पुत्र मुन्नालाल (4), आशा पुत्री रामकिशोर निवासीगण बांसी के अलावा साधना, इनके दो बच्चे रिषी व नैना, शिखा, विमला, सोनू, शालू, बब्बू, शालिनी, मन्नू, हिमानी, लवी, गुडिय़ा, निक्की, योगवती, विमलेश आदि निवासीगण बांसी व बड़ागांव गंजडुडवारा कासगंज हैं।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
13 of 15
मौत का मंजर जिनकी आंखों के सामने से गुजरा हो, वह क्या कुछ बोल पाएंगे। ऐसा ही कुछ इस दुर्घटना में घायल मासूमों व बड़ों के सामने पेश आया। दुर्घटना में ज्यादातर घायल दो से 10 साल तक के बच्चे हैं। जो कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। जिक्र छेड़ते ही कांपने लगते हैं। उन्हें चोट कम आई है, पर पेट में पानी भरने से अधिक दहशत में हैं।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
14 of 15
यहां तक कि जिला मुख्यालय आने के बाद भी वह दहशत से उबर नहीं पाए हैं। इस हादसमें एक और अजीब बात देखने को मिली। यहां आए 21 घायलों की तीमारदारी में मात्र एक महिला रेखा और एक युवक लगे हैं। रेखा बड़ागांव की है और ट्रैक्टर मालिक/चालक सुनील उनका रिश्तेदार है। सुनील के परिवार की बच्चियां शिवानी, शिखा आदि नवदुर्गा व्रत रही थीं। उन्हीं ने कर्णवास-बेलौन की जात कराने के लिए कहा था।
नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली, मदद के लिए उमड़ा सैलाब
15 of 15
मौके पर एक बच्ची के लापता होने को लेकर देर रात तक पेच फंसा रहा। पुलिस प्रशासन द्वारा मौके पर रोके गए सुनील के स्तर से सभी लोगों की गिनती कराई गई। सुनील ने चार लोगों की पुष्टि की। शेष घायल हैं। मगर शिवानी पुत्री प्रमोद निवासी बड़ागांव का कोई पता नहीं चल रहा। वह एंबुलेंस में घायलों के साथ भेज दी गई थी। वह ट्रैक्टर-ट्राली में दबी हुई है। किसी आशंका से लोग परेशान हैं।