शाहरुख ने कहा था कि भारत में असहिष्णुता बढ़ी है, जिसके बाद उन पर तीखी टिप्पणियों की बौछार शुरू हो गई। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शाहरुख के इस बयान पर ट्वीट किया, "शाहरुख खान रहते हिंदुस्तान में हैं, लेकिन उनका दिल पाकिस्तान में रहता है। उनकी फिल्मों यहाँ करोड़ों कमाती है पर उन्हें भारत असहिष्णु नजर आता है। यह देशद्रोह नहीं तो क्या है?" हालांकि उन्होंने अपना यह बयान वापस ले लिया।
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शाहरुख खान की देशभक्ति, किन-किन को है शक?
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने शाहरुख खान पर निशाना साधते हुए कहा, ''अगर हिंदू शाहरुख खान की फिल्में देखना बंद कर दें तो वह एक आम मुसलमान की तरह सड़क पर घूमेंगे। मुझे लगता है कि शाहरुख और हाफिज सईद की भाषा एक ही है।''
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विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने शाहरुख खान को 'पाकिस्तानी एजेंट' करार देते हुए कहा, "शाहरुख पाक एजेंट हैं, वह उनकी विचारधारा दर्शाते हैं। उन्हें पाकिस्तान ही चले जाना चाहिए।"
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अभिनेता शाहरुख को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "शाहरुख खाते हैं यहां का, गाते हैं पाकिस्तान का''
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योग गुरू रामदेव ने कहा, ''अगर शाहरुख ख़ान को लगता है कि देश में असहिष्णुता बढ़ गई है तो उन्हें पद्मश्री सम्मान के बाद कमाई सारी रकम की एक लिस्ट बनानी चाहिए। इसके बाद प्रधानमंत्री राहत कोष में दान दे देना चाहिए।''