फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू हो गया है। ये मेला फरीदाबाद में लगने वाला देश का सबसे बड़ा क्राफ्ट मेला है। पहली बार इसमें हजारों की संख्या में विदेशी भाग लेंगे। (फोटो- पीटीआई)
विज्ञापन
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
2 of 12
Surajkund mela pics
विज्ञापन
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
3 of 12
यहां देशभर के कलाकार और शिल्पकार तो जुटेंगे ही साथ ही विदेशी कलाकारों और सैलानियों से मिलने का मौका भी मिलेगा। यहां श्रीलंका से भी कलाकार आएं हैं।
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
4 of 12
कंट्री पार्टनर श्रीलंका और थीम स्टेट गोवा में प्रचलित वाद्ययंत्रों को इस पर दर्शाया गया है।
विज्ञापन
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
5 of 12
1987 में हरियाणा सरकार ने जब सूरजकुंड में शिल्पमेला लगाने का विचार आया था तब उन्हें इसके इतना कामयाब होने का अंदाजा नहीं रहा होगा।
विज्ञापन
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
6 of 12
1987 में जब पहली बार मेला लगा तो सिर्फ 35 शिल्पकारों ने यहां अपना स्टॉल लगाया था। जबकि दर्शक 10 हजार करीब आए थे।
विज्ञापन
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
7 of 12
पिछले साल 2013 में 700 के करीब शिल्पकारों ने अपने स्टॉल यहां लगाए थे और इस दौरान कुल आठ लाख से ज्यादा लोग इस मेले का हिस्सा बने थे। जिनमें से करीब 80 हजार विदेशी थे।
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
8 of 12
कई साल से मेले की टिकट 50 रुपये की थी। इस बार मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा क्या मिला, इसे 40 फीसदी महंगा कर दिया गया है। अब 70 रुपये की टिकट मिलेगी।
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
9 of 12
मेले के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू की गई है। ताकि, लोगों को काउंटर पर लाइन न लगाना पड़े। पहले सिर्फ डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से टिकट बुक होती थी।
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
10 of 12
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन युवा जोड़े सूरजकुंड आते हैं। आप भी अगले वीकेंड में सूरजकुंड मेले में आकर यहां के शिल्पकारों की बनाई चीजों को देख और खरीद सकते हैं।
श्रीलंका से हरियाणा क्यों आईं ये अप्सराएं?
11 of 12
सूरजकुंड मेले में वीवीआईपी के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है।