भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ में देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायी और पर्यटक अब धम्म चक्र प्रवर्तन मुद्रा में विश्व की सबसे ऊंची तथागत की प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे। (सभी फोटो: नरेंद्र यादव, अमर उजाला, वाराणसी)
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आपने देखी क्या बुद्ध की ये सबसे विशाल प्रतिमा?
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शिवली वियतनामी मंदिर में 70 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा बनकर तैयार है। इसे बनाने में 48 महीने लगे। चुनार के पत्थरों से बनाई गई इस प्रतिमा के नीचे विशाल धम्मा हाल है।
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चुनार के प्रसिद्ध मूर्तिकार देव नारायण पुजारी को इस प्रतिमा को तैयार करने में चार साल का वक्त लगा है।
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धम्मा हाल की बाहरी दीवारों पर हिंदी, अंग्रेजी, पाली और वियतनामी भाषा में धम्म चक्र प्रवर्तन सूत्र लिखा गया है।
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इसके अलावा पांच बौद्ध भिक्षुओं की आकृतियां भी उकेरी गई हैं। प्राचीन मूल गंध कुटी विहार के इतिहास के अंश भी दीवारों पर नजर आते हैं।
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धम्मा हाल के बाहर भारतीय शैली में तोरण द्वार और प्रवेश व निकास द्वारों के चारों कोनों पर सिंह शीर्ष बनाए गए हैं।
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प्रांगण में एक सिग्नल पिलर पगोडा रखा गया है। मंदिर के प्रभारी भिक्षु डोम लाम तान ने बताया कि यह वियतनाम से आया है, जो अष्ट धातु से बना है।
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इसका वजन छह क्विंटल। 45 बिस्वा में फैले परिसर में मेडिटेशन हाल, विश्राम स्थल व कई कमरे बने हैं।