काशी में एक कहावत कही जाती है, 'रांड, सांड, सीढ़ी, सन्यासी। इनसे बचे तो सेवे काशी।' अगर आपने काशी नहीं भी देखी होगी है तो ये तस्वीर उस कहावत का मतलब समझा देगी। (सभी फोटोः अनूप ओझा, वाराणसी)
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मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी संसदीय सीट वाराणसी, जिसे काशी भी कहते हैं को जापान के शहर क्योटो जैसा बनाने का सपना देखा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी की हेरिटेज को संरक्षित करने के लिए जापान से करार किया है।
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जापान के शहर क्योटो के तर्ज पर काशी के मंदिरों को सहेजने और विकास करने की योजना है।
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लेकिन सोमवार को सोनारपुरा-भेलूपुर मार्ग पर जैसा नजारा दिखा, उसे देख बस एक ही सवाल मन में उठा कि क्या ऐसे ही काशी, क्योटो बनेगी?
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बीच सड़क पर गाएं घंटों पगुराती रहीं और यातायात बाधित होता रहा। फिर भी उन गायों को हटाने की फिक्र न तो नगर निगम को हुई न नागरिकों को।
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ये तस्वीरें रवीन्द्र पुरी स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के पास की है। देखिए कैसे मवेशी यहां जुगाली करते नजर आ रहे हैं।
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यह दृश्य भी पीएम मोदी के संसदीय दफ्तर जाने वाले रवींद्र पुरी मार्ग का है।
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यह तस्वीर दुर्गाकुंड चौराहे की है। यहां भी बीच सड़क पर मवेशी खुलेआम घूमते नजर आए।
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रवीन्द्र पुरी मार्ग पर बने डिवाइडर का हाल क्या है, ये आप इन तस्वीरों को देखकर समझ सकते हैं।