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'मोदी के 9 करोड़ के टैंट से बन जाते 300 गरीबों के घर'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों पर पानी न फिरे, इसलिए वाराणसी प्रशासन ने इस बार पानी की तरह पैसा बहाया था। हालांकि प्रशासन की तैयारियां धरी की धरी रह गईं। डिरेका में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए बने मंच को सजा रहे माली देवनाथ मन्ना की करंट लगने से हुई मौत के बाद दौरा रद्द करना पड़ा।
(तस्वीरें:ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी)
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'मोदी के 9 करोड़ के टैंट से बन जाते 300 गरीबों के घर'

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प्रधानमंत्री के दौरे पर प्रशासन ने जिस प्रकार पैसा बहाया, उस पर सवाल भी उठे। लोगों का कहना था कि पीएम की दो विजिट के बाद भी जिस ट्रामा सेंटर का उद्घाटन नहीं हुआ, अब उसके लोकार्पण की इतनी हड़बड़ी क्या है? महज तीन हफ्ते के भीतर बारिश के मौसम में दूसरा कार्यक्रम तय करके करोड़ों रुपये बहाने के औचित्य पर सवाल उठे।
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लोगों ने सवाल उठाया कि 9 करोड़ में सिर्फ पंडाल बना, इससे तो 300 गरीबों के लिए आवास बन जाते। ये तस्वीर मंच के उसी हिस्से की है, जहां फूल सजाते हुए 20 साल के माली देवनाथ मन्ना की मौत हो गई।

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प्रधानमंत्री पिछले साल 13 अक्तूबर को ट्रामा सेंटर का उद्घाटन करने वाले थे लेकिन चक्रवाती तूफान हुदहुद के चलते उनका कार्यक्रम टल गया। वो 25 दिसंबर 2014 को आए लेकिन तब ट्रामा सेंटर का उद्घाटन नहीं हुआ। इसके बाद बीती 28 जून तय हुई तो बारिश के चलते कार्यक्रम स्थगित हो गया।
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बार-बार पीएम का कार्यक्रम रद्द होने के पर सपा और कांग्रेस दोनों ने ही कटाक्ष करना शुरू कर दिया था। उसके बाद आननफानन में पीएम का 16 जुलाई को कार्यक्रम तय कर दिया गया।
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अबकी मूसलाधार बारिश का भी असर न पड़े इसके लिए सभा स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल पर ही नौ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की गई। दिल्ली से कारीगर और उपकरण दोनों ही मंगाए गए हैं। इस पर लोगों का कहना था कि जनता के धन को इस तरह खर्च करने के बजाय पीएम महीने-दो महीने बाद भी आते तो कोई हर्ज नहीं था, तब इतना धन खर्च न होता।
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इस मामले पर दिनेश मिश्र ने कहा कि हम लोगों से सब्सिडी छोड़ने को कहा जा रहा है और ट्रामा सेंटर के नाम पर हो रही करोड़ों रुपये बरबाद हो रहे हैं। महेंद्र यादव बोले, बारिश में आने की पीएम की जिद पूरी करने के लिए नौ करोड़ का टेंट बन रहा है, इतने में तो 300 गरीबों का घर बन जाता।

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हालांकि भाजपा मंच के लिए हुए खर्च का बचाव करती रही। भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि पीएम के स्वागत और जनसभा के लिए वाटर प्रूफ पंडाल पर हो रहे खर्च को फिजूलखर्ची बताना सही नहीं।

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डिरेका स्थित कार्यक्रम स्‍थल पर ही प्रधानमंत्री के ‌लिए ये सेफरूम बनाया गया था। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद ये सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
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प्रधानमंत्री को गुरुवार को ट्रामा सेंटर समेत 1800 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन करना था।
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