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बिहार में मोदी के वो 5 बयान, जिन्होंने खड़े किए विवाद

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पूर्व भाजपा नेता और अटल ‌बिहारी वाजपेयी सरकार में काबीना मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनावों में आरक्षण के मुद्दे पर जैसे बयान दिए, उससे उन्होंने खुद को बहुत ही निचले दर्जे तक गिरा दिया और प्रधानमंत्री के बरअक्‍श नीतीश कुमार एक 'स्टेट्समैन' की तरह नजर आए। राजनीतिक जानकारों की मानें तो आरक्षण ही नहीं और भी कई बयान थे, जो प्रधानमंत्री की पद की गरिमा के अनुरूप कतई नहीं थे। ये बयान अगर नहीं दिए जाते तो चुनावों का माहौल अलहदा होता। आइए डालते हैं ऐसे ही चंद बयानों पर एक नजर--
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बिहार में मोदी के वो 5 बयान, जिन्होंने खड़े किए विवाद

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'मैं दलितों को पूछता हूं, मैं महादलितों को कहता हैं, मैं पिछड़ों को कहता हूं, अति‌पिछड़ों को कहता हूं, एक पाप की योजना बना रहे हैं ये लोग पाप की योजना। आपके आरक्षण में से पांच प्रतिशत छीनने का षडयंत्र ये सारे लोग कर रहे हैं। मैं चेतावनी देता हूं पांच प्रतिशत आरक्षण दलितों में से, पांच प्रतिशत आरक्षण महादलितों में से, पांच प्रतिशत पिछड़ों में से, पांच प्रतिशत अतिपिछड़ों में से। उनमें से निकाल करके संप्रदाय के आधार पर दूसरे संप्रदाय को देने का इनका षंडयंत्र चल रहा है।' प्रधानमंत्री ने ये बयान बक्सर की रैली में दिया था, जिसके बाद उन पर आरक्षण की आड़ में चुनावों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने का आरोप लगा।
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'आपके गांव में, शरीर में कभी शैतान आ सकता है? लेकिन लालूजी ने, जैसे रिश्तेदार आते हैं, उस शैतान को पहचान लिया है। मेरे मन में सवाल है, इस शैतान को यही पता कैसे मिला, जिसका पता शैतान ने ढूंढ़ लिया है बिहार उसकी तरफ कभी नहीं देखेगा। हम समझते थे हमारी लड़ाई इंसान से हैं, लेकिन शैतान हमारे पीछे पड़ा हुआ है।' प्रधानमंत्री ने ये बातें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लिए कही थी। हिंदुस्तान की चुनावी तारीख के पिछले कुछ सालों में किसी प्रधानमंत्री का विपक्ष के नेता पर ऐसे हमले करना अपने आप में नया था। लालू ने प्रधानमंत्री को ब्रह्मपिशाच कहकर चुनावी माहौल को और तल्‍ख कर दिया था।

बिहार में मोदी के वो 5 बयान, जिन्होंने खड़े किए विवाद

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'नीतीश जी को हमने नई प्रै‌क्टिस करते देखा, मुशायरा कर रहे थे। उन्होंने सोचा कुछ दरबारियों और पत्रकारों को बुलाकर कविता पाठ करेंगे और मनोरंजन का नया तरीका शुरु करके लालू को हरा देंगे। मैं हैरान रह गया कि अपने पहले मुशायरे में ही थ्री इडियट का गीत क्यों ले आए? हम जानते हैं कि महास्वार्थबंधन में भी तीन दल हैं कांग्रेस जेडीयू और राजद, जो बिल्कुल थ्री इडियट की तरह हैं।' प्रधानमंत्री ने ये बातें सीतामढ़ी की रैली में कही थीं।
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'अरे लालूजी आप काले कबूतर काटो, सफेद कबूतर काटो, मिर्ची का धुआं करो। अगर यही करना है तो अपनी पार्टी का नाम भी बदल लो। राष्ट्रीय जादू टोना दल। बदल लो और आप उसके मुखिया देश के सबसे बड़े तांत्रिक।' मोदी ने ये बयान मड़ोरा की रैली में दिया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने तंत्रमंत्र के मसले पर महागठबंधन पर ताबड़तोड़ हमले किए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना की चुनावी रैली में कहा कि लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा चुनावों में 'बेचारी बेटी' को सेट करने का प्रयास किया और विधानसभा चुनावों में बेटों को सेट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने 'बेचारी बेटी' लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के लिए इस्तेमाल किया था। लालू यादव और मीसा भारती समेत कई दलों ने मोदी के बयान की आलोचना की थी। मीसा ने मोदी को माफी मांगने तक को कहा था।
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