जौहड़ी शूटिंग रेंज में निशानेबाजी में महारथ हासिल करने पहुंचे जीत सी सारू रविवार को बरनावा में पौराणिक स्थल लाक्षागृह देखने पहुंचे। अमर उजाला से बातचीत में उसने अपने मन की बात खुलकर बयां की।
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देखिए, अब क्या कर रहा नरेंद्र मोदी का धर्म पुत्र जीत?
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बागपत के सुभारती विश्वविद्यालय में शुरू हुई शूटिंग प्र्रतियोगिता में पीएम नरेंद्र मोदी के धर्मपुत्र जीत बहादुर ने अचूक निशाना लगाते हुए 400 में से 325 प्वाइंट अर्जित किए। यह जानकारी उनके कोच डॉ. राजपाल सिंह ने दी। डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि जीत बहादुर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को उन दिनों मिला था, जब वे संघ प्रचारक थे। पीएम मोदी ने
जीत बहादुर को अहमदाबाद स्थित संस्कारधाम स्कूल में भर्ती करा दिया था।
यहां से जीत बहादुर ने बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। जीत बहादुर इन
दिनों जौहड़ी रायफल क्लब में निशानेबाजी की ट्रेनिंग ले रहा है। पिछले
दिनों नेपाल की यात्रा पर गए मोदी जीत बहादुर को अपने साथ ले गए थे। वहां
जीत बहादुर अपने परिवार से भी मिला था। जीत बहादुर राई विश्वविद्यालय से
बीबीए कर रहा है।
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कोच मृगेंद्र तोमर ने बताया कि वह डॉ. राजपाल सिंह के साथ पिछले साल 28 दिसंबर को अहमदाबाद में आरएसएस द्वारा संचालित संस्कार धाम स्कूल में बच्चों को शूटिंग का प्रशिक्षण देने गए थे। उसी दौरान जीत बहादुर ने शूटिंग का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जाहिर की। वे आठ जनवरी को उसे लेकर जौहड़ी शूटिंग रेंज पर आए जहां उसे प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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जीत कहता है, वह मोदी के अलावा उनके परिवार में किसी और से नहीं मिला है। उसे उम्मीद है कि जौहड़ी शूटिंग रेंज के सीनियर कोच राजपाल से निशानेबाजी में महारथ हासिल कर वह दुनिया भर में नाम कमाएगा।
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जीत ने बताया वह अहमदाबाद से बीबीए कर रहा है। नरेंद्र भाई उसे किसी चीज की कमी नहीं आने देते। हालांकि उनसे मुलाकात सिर्फ तीन चार बाद ही हुई है। पीएम बनने के बाद तो सिर्फ एक ही बार। वो भी तब जब वे नेपाल गए थे। जीत ने बताया कि पीएमओ से फोन पर कहा गया कि तुम्हें भी नेपाल चलना है और मैं चल दिया।
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जीत तुम मोदी से क्या उम्मीद करते हो। इस सवाल पर जवाब मिलता है, कुछ नहीं, मैं अपने दम पर आगे बढ़ना चाहता हूं, फिलहाल निशानेबाजी पर पूरा ध्यान लगा रहा हूं।