सोमवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों को दंगा पीड़ित मानने से इंकार करते हुए उन्हें कांग्रेसी और भाजपाई करार दिया था। उनके इस बयान से पीड़ित बहुत नाराज हैं।
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नेताजी देखिए, क्या यही हैं कांग्रेस-बीजेपी के लोग?
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मुजफ्फरनगर के लोई स्थित राहत शिविर में शिविरार्थियों से इस मुद्दे पर बात की गई तो लोगों के तेवर काफी तल्ख नजर आए।
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कैंप में रह रहे दंगा पीड़ितों का कहना है कि सर्दी में कैंपों में रहना किसे अच्छा लगता है। नेताजी ने एक बार भी आकर उनकी समस्या नहीं सुनी।
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लोई गांव के शिविर की इंतजामिया कमेटी के रिकार्ड पर गौर करें तो
कैंप में 28 गांवों के करीब 450 परिवार आसरा लिए हैं, जिनमें 2500
महिला-पुरुषों के साथ ही एक हजार बच्चे शामिल हैं।
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शिविरों में मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। चार माह की अवधि के दौरान कुल
16 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार नवजात और बुजुर्ग भी शामिल हैं।