भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान जगुआर आज उत्तर प्रदेश के शहर इलाहाबाद में क्रैश हो गया। जमीन पर गिरते ही विमान धूं-धूं कर जल उठा।
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जगुआर को जलता देख जो जहां था, दौड़ा आया
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गनीमत रही कि विमान जिस जगह पर गिरा, वहां कोई मकान नहीं था। इसके बावजूद पांच-पांच सौ मीटर दूर जाकर गिरे विमान के मलबे से एक बालिका समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
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वायुसेना ने हादसे की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। दुर्घटना के बाद वायुसेना के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा भी किया।
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दुर्घटनाग्रस्त विमान को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा रही, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा बस्ती में पांच-पांच सौ मीटर की दूरी तक फैल गया। विमान एक हिस्सा कई फीट नीचे जमीन में जा धंसा और उसमें आग लग गई।
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दूर तफ फैले मलबे की चपेट में आकर सुरभि नाम की बालिका, सतीश, राजू, भोला बाबा और एक मजदूर सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
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हालांकि हादसे में किसी की जान नहीं गई, विमान के दोनों पायलट सुरक्षित बाहर आ गए थे।
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लड़ाकू विमान अपने रुटीन ट्रेनिंग के लिए इलाहाबाद के बमरौली वायुसेना अड्डे से सुबह 7.25 बजे पर उड़ा था, जो शहर से 13 किलोमीटर दूर 8.47 बजे क्रैश हो गया।
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हादसे की वजह जानने के लिए जांच कमेटी बना दी गई है। पायलट्स का कहना है कि उन्होंने ग्राउंड स्टाफ को सिग्नल भेज दिया था कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी खामी है।
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हादसे में बाल-बाल बचे एक पायलट ने बताया कि जब वे विमान पर नियंत्रण रखने में नाकाम हो गए तो उन्होंने विमान से छलांग लगा दी और विमान नैनी में भारतीय खाद्य निगम के गोदाम के पास क्रैश हो गया।
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ये वायुसेना का दुसरा जगुआर है, जो इस तरह के हादसे का शिकार हुआ है। इससे पहले मार्च में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विमान एक तकनीकी दिक्कत की वजह से क्रैश हो गया था।