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ISRO ने दिया देश को तोहफा, GSAT-6 किया लॉन्च

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देश के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-6 का बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल लांच हो गया। उपग्रह ने जीएसएलवी-डी6 रॉकेट से अंतरिक्ष की उड़ान भरी। मिशन डायरेक्टर आर उमामाहेश्वरन ने इस सफलता को ओणम का तोहफा कहा है। यह सफलता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के वैज्ञानिकों की एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले पिछले साल पांच जनवरी को देश में निर्मित क्रायोजेनिक इंजन से जीएसएलवी-डी5 की सफल लांचिंग हुई थी।
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ISRO ने दिया देश को तोहफा, GSAT-6 किया लॉन्च

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हालांकि उसके पहले 2010 में दो बार असफलता का भी मुंह देखना पड़ा था। यह केवल दूसरा मौका है, जब स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज का इस्तेमाल हुआ है। इसीलिए उत्साहित उमामाहेश्वरन ने कहा कि इसरो का सबसे शैतान बच्चा (क्रायोजेनिक स्टेज), अब सबसे प्यारे बच्चे में बदल गया है। वहीं संस्थान के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने कहा, ‘हमने दिखा दिया कि जनवरी 2014 में जो हुआ था, वह अनायास मिली सफलता नहीं थी। वह स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज के लिए पूरी टीम द्वारा किए गए जबरदस्त प्रयास का नतीजा थी। अमेरिका, रूस, जापान, चीन और फ्रांस के बाद स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज के समूह में शामिल होने वाला इसरो केवल छठा संस्थान है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीसैट-6 की सफल लांचिंग पर इसरो की टीम को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर इस सफलता को भारतीय वैज्ञानिकों की अद्भुत उपलब्धि करार दिया।
जीसेट-6 उपग्रह:एक नजर में
जीसैट-6 भारत का बनाया 25वां भू-स्थैतिक संचार उपग्रह है और यह जीसैट शृंखला का 12वां उपग्रह है।
वजन:2117 किलोग्राम (प्रोपेलेटों का वजन-1132 किग्रा, उपग्रह का शुद्ध भार-985 किलोग्राम)
अवधि:उपग्रह की जीवन अवधि नौ वर्ष है।
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ISRO ने दिया देश को तोहफा, GSAT-6 किया लॉन्च

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विशेषता:जीसैट -6 उपग्रह की एक अग्रिम विषेशता 6 मीटर व्यास का नहीं मुड़ने वाला एंटीना है। इसरो द्वारा संपादित अब तक का यह सबसे बड़ा एंटीना है।
फायदा:यह सैटेलाइट अपने साथ 6 मीटर चौड़ा एक एंटिना ले जा रहा है, जिसका मकसद छोटे हैंडसेट के जरिये डाटा, वीडियो या आवाज को एक जगह से दूसरी जगह भेजना है। इसका इस्तेमाल डिफेंस यानी सामरिक सेक्टर में होगा ताकि दूरदराज के इलाके में भी छोटे हैंडसेट से संपर्क साधा जा सके। जीसैट-6 एस बैंड और सी बैंड के माध्यम से संचार मुहैया कराएगा।
प्रक्षेपण यान: स्वेदश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन युक्त जीएसएलवी-डी 6 की मदद से
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