स्टिल्थ ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अब भारत भी अपने कदम आगे बढ़ा चुका है। इसके लिए भारत महत्वकांक्षी स्टिल्थ कॉम्बट ड्रोन्स (यूसीएवी) का विकास करेगा जो दुश्मनों के ठिकानों पर छिपकर हमला भी करेगा और बेहद जरूरी मिशन को पूरा करके वापस भी आ जाएगा।
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छिपकर हमला करेगा 'घातक', जानें हमारे पास कैसे-कैसे ड्रोन
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इसके लिए सरकार ने 2,650 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट 'घातक' में लगाने का मन बना चुकी है। इसके प्रोजेक्ट के अंतर्गत 'इंडियन अनमैन्ड स्ट्राइक एयर वेहिकल' का निर्माण किया जाएगा जिसको रक्षा मंत्रालय से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
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जानिए क्या होता है ड्रोन- मानवरहित ड्रोन (यूएवी) रिमोट से संचालित होने वाला एक हवाई जहाज है जिसका इस्तेमाल दुश्मन के इलाकों की पड़ताल करने के लिए किया जाता है। ड्रोन के अंदर दुश्मन के इलाकों की पड़ताल करने के लिए कैमरा, आधुनिक सेंसर और कई अन्य तरह के तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
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भारत के पास इस वक्त लगभग टॉप 5 तरह के ड्रोन मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल भारतीय सेना करती है। जानिए कौन-कौन से हैं ये यूएवी...
1. निशांत- इसका विकास भारत में ही किया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआडीओ) की वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई) ने किया है।
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मिशन- इसका विकास मुख्य रूप से दुश्मनों के इलाके पर नजर रखने के मकसद से किया गया है जो युद्ध क्षेत्रों की निगरानी करने में सक्षम है। यह हवा में करीब साढ़े चार घंटे तक उड़ानभर सकता है और दुश्मनों की खुफिया जानकारी इकट्ठा कर सकता है।
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यह सटीक हमलों के लिए दुश्मन इलाकों की पहचान कर सकता है जिसके की सही निशाने पर बम गिराए जा सकें। भारतीय सेना के पास इस वक्त दर्जनों निशांत ड्रोन हैं।
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2. आईएआई सर्चर- भारत के पास जो दूसरा ड्रोन है उसका नाम आईएआई सर्चर है। इसका निर्माण इजरायल में किया गया है जिसको कैमरे, ट्रैकिंग सिस्टम, सेंसर आदि से लैस किया गया है। यह दुश्मन के इलाकों पर नजर रखने में सक्षम है।
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भारतीय सेना के पास इस वक्त 100 से ज्यादा सर्चर ड्रोन है।
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3. आईएआई हेरॉन- यह कम-ऊंचाई पर ज्यादा दूरी तक उड़ान भरने वाल ड्रोन है। इसका निर्माण भी इजरायल में ही किया गया है।
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यह ड्रोन अत्याधुनिक कैमरों (इंफ्रारेड और थर्मोग्राफिक), इंटेलिजेंस सिस्टम (कमिंट और इलिंट) से लैस है। इसमें विभिन्न तरह के रडार सिस्टम भी लगाए गए हैं। भारतीय सेना के पास ऐसे करीब 50 ड्रोन है।
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4. आईएआई हेरोप- यह एक मानवरहित युद्धक ड्रोन है जिसका निर्माण भी इजरायल ने किया है। इसे युद्ध क्षेत्रों के ऊपर मंडराने और जरूरत पड़ने पर हमला करने के लिए बनाया गया है। इसको धरती से, समुद्र के ऊपर मौजूद जहाजों और हवाई जहाज के अंदर से भी एक रिमोट के जरिए संचालित किया जा सकता है।
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हरोप को पहली बार भारत में 2009 में आयोजित एरो इंडिया शो में दुनिया के सामने पेश किया गया था। इस वक्त भारतीय वायुसेना के पास 10 से ज्यादा हरोप ड्रोन है।
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5. आईएआई हार्पि- हार्पि एक कॉम्बेट एयरस्ट्राइक वेहिकल है जिसका निर्माण भी इजरायल ने ही किया है।