फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जापानी पहलवानी में 'हेतल' की देसी पटखनी

Fri, 09 Oct 2015 05:49 PM IST
आयुष देशपांडे
विज्ञापन
1 of 5
आयुष देशपांडे
27 वर्षीय हेतल दवे भारत कि पहली महिला सूमो पहलवान हैं। वर्ष 2009 में हेतल ने ताईवान में हुई विश्व सूमो कुश्ती प्रतियोगिता में 5वां स्थान हासिल किया था।भारत में सूमो कुश्ती को मान्यता प्राप्त खेल का दर्जा नहीं मिला है, जिस वजह से हेतल कई प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पातीं। सूमो कुश्ती में अपना करियर बनाने की चाहत रखने वाली हेतल को कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जापानी पहलवानी में 'हेतल' की देसी पटखनी

2 of 5
बीबीसी से बातचीत में हेतल कहती हैं, "भारत सरकार ने सूमो कुश्ती को मान्यता नहीं दी है, इस वजह से कोई इस खेल को बढ़ावा नहीं देना चाहता।"प्रायोजकों के ना होने कि वजह से हेतल विदेशों में हो रही प्रतियोगिताओं के लिए भी नहीं जा पातीं। हेतल आगे कहती हैं, "पिछले साल जापान में सूमो कुश्ती की विश्व प्रतियोगिता में मैं नहीं जा सकी थी, कारण सिर्फ ये था कि मुझे खुद के साथ अपने कोच का भी खर्च उठाना पड़ता।"
विज्ञापन

जापानी पहलवानी में 'हेतल' की देसी पटखनी

3 of 5
मुंबई में रह रहीं हेतल वर्ष 2008 में अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज करवा चुकी हैं लेकिन सरकार से उन्हें अब तक किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। महाराष्ट्र के एक खेल अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "जब तक यह खेल ओलंपिक में दर्ज नहीं हो जाता, तब तक हम इसे मान्यता नहीं दे सकते और ना ही इसके खिलाड़ियों को कोई मदद"। जहां एक तरफ 27 वर्ष की उम्र में लगभग सभी माता-पिता अपने बच्चों कि शादी करने की सोचते हैं, एसे में हेतल को अपने परिवार से सूमो कुश्ती जारी रखने में काफी सहयोग मिल रहा है। हेतल के पिता सुधीर दवे इस बात पर कहते हैं, "हर मां-बाप की तरह हमारी भी इच्छा है कि उसकी शादी सही समय पर हो, लेकिन हम नहीं चाहते की इस वजह से उसका ध्यान अपने खेल से अलग हटे।"

जापानी पहलवानी में 'हेतल' की देसी पटखनी

4 of 5
सूमो पहलवान के बारे में सुनते ही मन में एक भारी और वजनदार शरीर की छवि बन जाती है, लेकिन 65-85 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने वाली हेतल कहती हैं, "सूमो कुश्ती सिर्फ वज़न के दम पर नहीं खेली जाती।" वे आगे बताती हैं, "मेरा वजन लगभग 76 किलो है और जब मैं किसी से कहती हूँ कि मैं एक सूमो पहलवान हूँ तो वे मुझे पहले ऊपर से नीचे तक घूर कर देखते हैं क्योंकि वो किसी भारी भरकम इंसान को ढूंढ रहे होते हैं।" भारत में महिला सूमो खिलाड़ी ना होने कि वजह से हेतल को पुरुष सूमो खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण करना पड़ता है, अधिकतर समय हेतल अपने भाई अक्षय के साथ कुश्ती करती हैं जो खुद एक जूडो खिलाड़ी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जापानी पहलवानी में 'हेतल' की देसी पटखनी

5 of 5
पुरुष सहयोगियों के साथ प्रशिक्षण करने पर हेतल कहती हैं, "मैं इस बात को एक सकारात्मक तरीके से लेती हूँ क्योंकि जब मैं विश्व की दूसरी महिला खिलाड़ियों से लड़ती हूँ तो पुरुषों के मुकाबले उनका वज़न काफी कम होता है।"हेतल सूमो कुश्ती सीखने के साथ स्कूल के छात्रों को कुश्ती और जूडो का प्रशिक्षण भी देती हैं और उस दिन के इंतज़ार में हैं जब भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से सूमो कुश्ती को मान्यता मिल जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें