समुद्र के नीचे से होने वाले हमलों की आशंकाओं के मद्देनजर भारत अपनी समुद्री सीमाओं को और ज्यादा महफूज बनाने के लिए फ्रांस से तीन और स्कार्पीन पनडुब्बियों को खरीद रहा है। ये पनडुब्बी चीन और पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री ताकत से देश की हिफाजत करेगी। जानिए क्या खासियत है इस पनडुब्बी की।
विज्ञापन
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
2 of 10
इस पनडुब्बी का निर्माण फ्रांस में किया जाता है जो बेहद अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस है। इसका मतलब यह हुआ कि यह आसानी दुश्मन के समुद्री क्षेत्र में घुसकर उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेर सकती है। जानिए इसकी क्षमताओं के बारे में।
विज्ञापन
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
3 of 10
क्षमता- इस पनडुब्बी की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये एक साल में करीब 240 दिनों तक समुद्र के भीतर रहने में सक्षम है। यह समुद्र की सतह से करीब 300 मीटर भीतर तक जाने में सक्षम है जिसकी वजह से यह नौसेना को ज्यादा तेजी से हमला करने की सुविधा उपलब्ध कराती है।
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
4 of 10
स्पीड- यह पनडुब्बी पानी के भीतर करीब 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है जो किसी भी पनडुब्बी के लिए काफी तेज गति है।
विज्ञापन
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
5 of 10
रेंज- यह पनडुब्बी एक बार में करीब 12 हजार किमी की दूरी तय करने में सक्षम है जो भारत की लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।
विज्ञापन
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
6 of 10
एन्ड्यूरेंस- एक बार ईंधन भरने के बाद यह करीब 40 दिनों तक पानी के भीतर रह सकती है। जो लंबी दूरी तक की कार्रवाई के लिए काफी जरूरी है।
विज्ञापन
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
7 of 10
क्रू क्षमता और हथियार- इस पनडुब्बी में एक साथ 31 नौसेना सदस्य सवार हो सकते हैं। इसके अलावा किसी अहम ऑपरेशन के दौरान छह अतिरिक्त लोगों को भी इसमें जगह दी जा सकती है। इस पनडुब्बी को अत्याधुनिक टारपीडो और मिसाइलों से लैस किया गया है जो इसकी मारक क्षमता को और बढ़ा देता है।
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
8 of 10
घातक- इस पनडुब्बी से पानी के भीतर से मिसाइल लॉन्च की जा सकती है जिसकी वजह से दूर स्थित दुश्मनों को भी आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
9 of 10
दुश्मनों का दुश्मन- चीन अपनी समुद्री सेना को और ज्यादा मजबूत कर रहा है जिसकी तुलना में भारत को भी अपने नौसेना की ताकत को बढ़ाने की जरूरत है। इसलिए भारत इन पनडुब्बियों का स्वदेश में भी निर्माण कर रहा है। इनमें से छह स्कार्पीन पनडुब्बियों का निर्माण मझगांव डॉकयार्ड में हो रहा है।
समुद्र के भीतर से दुश्मनों को करारा जवाब देती है 'स्कॉर्पीन'
10 of 10
भारत ने 2005 में ही छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का तकनीक हस्तांतरण कार्यक्रम के तहत सौदा किया जो फिलहाल अपने तय सीमा से चार साल पीछे चल रहा है। लेकिन ऐसी उम्मीद है कि साल 2016 तक इनमें से कुछ को नौसेना में शामिल किया जा सकता है।