फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

विज्ञापन
1 of 14
बीजेपी सत्ता में आने से पहले तक राज्यसभा में नेता विपक्ष की हैसियत से सधी दलीलों, पैने तर्कों और शानदार भाषणों से यूपीए सरकार को कई बार तार-तार कर चुके जेटली छात्र राजनीति के रास्ते केंद्र की राजनीति में आए। वे बीजेपी के ऐसे नेताओं में रहे हैं, जिनके दोस्त पार्टी के भीतर भी रहे हैं और बाहर भी। मीडिया के साथ अपने रिश्तों के कारण ही वे 1999 में भाजपा के प्रवक्ता बनें। ये तस्वीर 1999 की है।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

2 of 14
एक पंजाबी ब्रह्मण और वकील पिता की संतान जेटली उन नेताओं की श्रेणी में शामिल नहीं हैं, जिन्हें राजनीति घुट्टी में मिली हैं। उनके पिता महाराज किशन जेटली वकील थे। ‌दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से जुडे़। 1974 में डीयू के छात्र संघ के अध्यक्ष बनें। डीयू की राजनीति के उस दौरे के कई नेता बाद पूर्णतया राजनीति में आ गए या पत्रकार बनें। तस्वीर में दिख रही छात्र नेता पूर्णिमा सेठी बाद में दिल्ली की विधायक बनीं।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

3 of 14
जेटली का विवाह संगीता जेटली से हुआ। संगीता के पिता गिरधारी लाल डोगरा जम्मू-कश्मीर के राजनीति के दिग्गज नेताओं में थे। वे 80 के दशक में जम्मू-कश्मीर सरकार में वित्तमंत्री भी रहे। जेटली की पत्नी संगीता एक गृहणी हैं। हालांकि पिछले साल जेटली ने जब अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ा तो वे प्रचार में सक्रिय दिखीं।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

4 of 14
श्रीराम कॉलेज से स्नातक और दिल्‍ली विश्वविद्यालय से लॉ करने के बाद जेटली ने सुप्रीम कोर्ट से वकालत शुरु की। उन्होंने एक पैर वकालत के खांचे में रखा और दूसरा राजनीति के। और दोनों को ही साधने में सफल रहे। आपातकाल के दिनों में वे जेल भी गए। भाजपा के पुराने अवतार जनसंघ के नेताओं से वहीं पर उनकी करीबी और बढ़ी। 1980 में भाजपा के गठन के बाद वे पार्टी की दिल्ली की इकाई के सचिव और भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनें।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

5 of 14
1973 में केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जयप्रकाश नारायण और राजनारायण द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार के आंदोलन में जेटली की अहम भूमिका रही। वे जयप्रकाश नारायण द्वारा नियुक्त नेशनल कमेटी फॉर स्‍टूडेंट एंड यूथ ऑर्गेनाइजेशन के संयोजक थे। वे जनसंघ की राजनीति से भी जुड़े रहे और नागरिक अधिकारों के लिए चलाए गए आंदोलनों में भी सक्रिय रहे।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

6 of 14
1977 से ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की, देश की कई हाईकोर्ट में भी वो सक्रिय रहे। 1989 में वीपी स‌िंह के प्रधानमंत्रित्व में बनीं संयुक्त मोर्चा सरकार ने उन्हें एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया। उस समय उनकी उम्र महज 37 साल थी। उन्होंने बोफोर्स मामले के कानूनी पहलुओं पर काफी काम किया था।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

7 of 14
ये तस्वीर मार्केटिंग गुरु सुहैल सेठ के कैमरे से है। जेटली की शख्सियत की यही खूबी रही है। उनके दोस्त कांग्रेस में हैं और दूसरी पार्टियों में भी। पत्रकारिता में भी जेटली के कई दोस्त हैं। तस्वीर में जेटली के साथ शशि थरूर, करण थापर और तवलीन सिंह दिख रहे हैं।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

8 of 14
जेटली के मुवक्किलों में कांग्रेस माधव राव सिंधिया, जदयू के शरद यादव जैसे नेता भी शामिल रहे हैं। वे कोकोकोला के खिलाफ पेप्सी की ओर से भी मुकदमा लड़ा थे। वकालत में उनके तजुर्बे की बानगी ये है कि इंडो-ब्रिटिश लीगल फोरम के समक्ष भारत में भ्रष्टाचार और अपराध पर व्याख्यान दे चुके हैं।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

9 of 14
2002 में उन्होंने पेप्सी की ओर से एक मुकदमे की पैरव्वी की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने पेप्सी समेत 8 कंपनियों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना लगा दिया। जेटली उस समय राजग सरकार में कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री थे। 2004 में उन्होंने कोकोकोला के लिए भी मुकदमा लड़ा। जून, 2009 से उन्होंने वकालत की प्रेक्टिस बंद कर रखी है।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

10 of 14
मीडिया से अपने रिश्तों के चलते जेटली 1999 में भाजपा के प्रवक्ता बनें। 1999 में राजग की सरकार बनने के बाद वे सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री बनें। उसी सरकार में वे विनिवेश मामलों के मंत्री भी बनें।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

11 of 14
जेटली इन दिनों जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी बने हुए हैं, उसी प्रकार पिछली राजग सरकार में वे अटल बिहारी वाजपेयी के भी करीबी थे। वाजपेयी ने उन्हें एक ही साल में राज्य स्तर के कैबिनेट रैंक का मंत्री बना दिया था।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

12 of 14
हालांकि केंद्र की राजनीति में मोदी के उभार से पहले तक खुद मोदी, जेटली और सुषमा स्वराज एक ही कद के नेता थे। मोदी 2002 में गुजरात की राजनीति में चले गए और बाद के सालों में साथ काम करने के बाद भी जेटली और सुषमा के बीच वाजपेयी और आडवाणी जैसे नेताओं का करीबी बनने की होड़ लगी रही।

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

13 of 14
2002 के दंगों में जब भाजपा के भीतर एक हिस्से ने नरेंद्र मोदी के विरोध में आवाजें बुलंद की, जेटली उनके समर्थन में डंट कर खड़े रहे। 2012 में मोदी ने जब केंद्र की राजनीति में आने के लिए जोर लगाया, तब भी जेटली ने उनकी पुरजोर वकालत की। जेटली के उन्हीं अहसानों का नतीजा मोदी सरकार में उनकी हैसियत के तौर पर दिखता है। हालांकि फिलहाल वे अपनी पार्टी के सासंद कीर्ति आजाद के कारण परेशानियों में हैं।
विज्ञापन

वाजपेयी से मोदी तक, कैसे पीएम के चहेते बने जेटली? 13 बातें

14 of 14
सप्ताह भर पहले तक वित्तमंत्री अरुण जेटली मोदी सरकार की धुरी थे, लेकिन आज वह हाशिये पर हैं। उन्हीं की पार्टी के सदस्य कीर्ति आजाद डीडीसीए में हुए कथित घपलों में उनकी भूमिका जांच की मांग कर रहे हैं। प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की छत्रछाया और अमित शाह की करीबी के बाद भी भाजपा के अंदरखाने जेटली के डूबते रसूख की सुगबुगाहट होने लगी है। जेटली का क्या होगा, ये भविष्य के गर्भ में हैं? जेटली इतने रसूखदार बने कैसे पढ़िए आगे की स्लाइडों में-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें