एक व्यक्ति 43 वर्षों से लापता है। पुलिस न तो उसकी तलाश कर पाई और न ही विवेचना को ही अंतिम रूप दे सकी है। हाईकोर्ट ने पुलिस से इस मामले की जानकारी तलब कर ली है। पूछा है कि 43 वर्षों से लंबित जांच अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, लापता व्यक्ति का पता लगाने की दिशा में पुलिस ने क्या-क्या कदम उठाए हैं। ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद।
Trending Videos
विज्ञापन
43 वर्षों से लापता व्यक्ति के बारे में हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
2 of 4
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की खंडपीठ ने एसपी औरैया से 13 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। यदि जवाब नहीं आता है तो विवेचना अधिकारी और एसपी को तलब किया जाएगा।
विज्ञापन
43 वर्षों से लापता व्यक्ति के बारे में हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
3 of 4
मामले के अनुसार 16 अक्तूबर 1972 को औरैया के अच्छंदा गांव से अश्विनी कुमार लापता हो गया। उस वक्त उसकी उम्र 16 वर्ष थी।
43 वर्षों से लापता व्यक्ति के बारे में हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
4 of 4
उसके भाई ने अपनी याचिका में कहा कि आखिरी बार उसे एक पुलिस सब इंस्पेक्टर के साथ देखा गया था। अच्छंदा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज है। इसकी जांच अभी भी चल रही है। इस दौरान पूर्व भाजपा सांसद स्वामी सुरेशानंद ने एसडीएम के समक्ष अर्जी देकर स्वयं अश्विनी कुमार होने का दावा किया। याची ने इस पर आपत्ति की है। कहा गया कि पूर्व सांसद की जन्म तिथि 1952 है जबकि उसके लापता भाई की जन्म तिथि 1956 थी।