सियाचिन में 25 फीट बर्फ के नीचे दबे होने के बाद भी भारतीय सेना का लांस नायक हनमनथप्पा कोप्पड का छह दिन बाद भी जिंदा बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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सियाचिन: बर्फ से निकले जवान को देखने पहुंचे पीएम
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सेना का यह पोस्ट करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित था जहां का तापमान -40 से -25 डिग्री सेल्सियस तक होता है। यहां पर 10 जवानों की तैनाती की गई थी जिनमें से हनमनथप्पा भी एक हैं।
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यह पोस्ट से 3 फरवरी को हिमस्खलन की चपेट में आ गया था जिसकी वजह से 10 जवान बर्फ के नीचे दब गए थे। इसके छह दिन बाद 9 फरवरी को हनमनथप्पा को बर्फ के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला लिया गया। हालांकि अन्य जवान शहीद हो गए।
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लांस नायक हनमनथप्पा कोप्पड मद्रास रेजीमेंट की 19वीं बटालियन का एक जवान है जिसकी तैनाती सियाचिन में हुई थी। यह कर्नाटक के धारवाड़ जिले में स्थित बेटादुर गांव के निवासी हैं।
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बर्फ के नीचे छह दिन तक दबे होने की वजह से हमनमथप्पा की हालत काफी नाजुक बनी हुई है इसलिए मंगलवार को उन्हें दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके देखने के लिए सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग भी पहुंचे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनमनथप्पा को देखने के लिए आर्मी अस्पताल पहुंचे। इससे पहले सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग आर्मी अस्पताल में मौजूद थे।
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हनमनथप्पा के जीवित होने पर उनकी पत्नी काफी खुश थी। उन्होंने हनमनथप्पा को देखने की इच्छा भी जाहिर की।