आपको भाजपा की भोपाल रैली में लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी के बीच खाली पड़ी कुर्सी याद होगी। कुर्सी ने मोदी और आडवाणी के रिश्तों की चुगली कर दी थी। हालांकि अब आडवाणी और मोदी के रिश्तों की कडवाहट खत्म हो गई है।
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भोपाल से अहमदाबाद आते-आते मिट गई दूरियां!
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उस रैली में मोदी ने आडवाणी के पैर छुए थे तो उन्होंने आशीर्वाद तक नहीं दिया था।
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आज अहमदाबाद में साबरमती नदी पर बने रीवर-पार्क के उद्घाटन समारोह में आडवाणी ने मोदी की तारीफों का पुल बांध दिया।
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आडवाणी ने मोदी के विकास कार्यों सराहना की और कहा कि यदि मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो उन्हें खुशी होगी।
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आडवाणी ने कहा कि मोदी के विकास कार्यों की विदेशों में भी सराहना हो रही है।
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कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
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आडवाणी गांधीनगर से सांसद है। और 2011 के बाद बुधवार को वे पहली बार अहमदाबाद में थे।
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इस तारीफ के बाद माना जा रहा है कि भाजपा के भीष्म पितामह आडवाणी ने मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पुष्टि कर दी है।
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भोपाल रैली में आडवाणी ने मोदी को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया था, लेकिन रिश्तों में तल्खी बनी रही।
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भाजपा द्वारा मोदी को प्रधानमंत्री पद को उम्मीदवार घोषित किए जाने से आडवाणी नाराज चल रहे थे।
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आडवाणी अहमदाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नॉलोजी, रिसर्च एंड मैनेजमेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे।
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उन्होंने मोदी के साथ पूर्व भाजपा नेता केशुभाई पटेल से भी मुलाकात की।