जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल रविवार रात को सेना के कार्गो प्लेन से भारत पहुंच गईं। दरअसल, मर्केल जब जर्मनी से भारत के लिए रवाना होने वाली थीं, उसी वक्त उनके विशेष विमान में तकनीकी खराबी आ गई। मर्केल के पहुंचने के फौरन बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘चांसलर मर्केल नमस्ते। आप और आपके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत। मैं भारत-जर्मनी के रिश्तों को मजबूती देने वाली सार्थक चर्चा के लिए उत्सुक हूं।’
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हालांकि, ऐसे वक्त में चांसलर के लिए दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों की तरह ही यात्रा के लिए एक वैकल्पिक विमान होता है, मगर उसे तैयार होने में काफी वक्त लगता है। जिस पर मर्केल सेना के कार्गो प्लेन में ही अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के सफर पर निकल पड़ीं। जर्मनी में चांसलर के दौरे के लिए एयरबस ए-340 कोनरॉड, एंडेन्योर नाम का विशेष विमान होता है।
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मगर, तकनीकी खराबी के चलते यह विमान बर्लिन से ही उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद वह सेना के कार्गो विमान एयरबस ए-310 कर्ट शूमाकर से नई दिल्ली पहुंचीं। मर्केल के साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी साथ आया है।
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तीन दिनी दौरे पर पहुंची मर्केल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं। भारत-जर्मनी के द्विपक्षीय रिश्तों को गति देने के लिए दोनों नेताओं के बीच प्रमुख रूप से रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, उच्च तकनीक, कौशल विकास, विज्ञान प्रौद्योगिकी, रेलवे, पानी, कचरा प्रबंधन समेत आपसी व्यापार को बढ़ाने पर बातचीत होगी।
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मर्केल के साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी साथ आया है। हवाई अड्डे पर वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मर्केल और उनके सहयोगियों का स्वागत किया।
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भारत-जर्मनी 2001 से रणनीतिक भागीदार हैं। मोदी के जर्मनी दौरे के करीब छह महीने बाद ही मर्केल यहां पहुंची हैं। मर्केल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात करेंगी। यूरोपीय संघ में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। बीते साल दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान का कुल मूल्य 15.96 अरब यूरो है।
भारत का जर्मनी को 2014 में निर्यात करीब सात अरब यूरो था।मर्केल जर्मनी की शीर्ष कंपनियों के सीईओ के साथ यहां आई हैं। जो भारत में निवेश की इच्छुक हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच आपसी निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा दोनों देश साझा मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन की चिंताओं पर भी बातचीत करेंगे।