फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

विज्ञापन
1 of 11
नेशनल हेरल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत तक लाने वाले सुब्रमण्यम स्वामी अपने सार्वजनिक जीवन में कई वजहों से चर्चा में रहे हैं। कभी प्रतिभाशाली गणितज्ञ के तौर पर मशहूर रहे स्वामी को कानून का जानकार भी माना जाता है। उनके अब तक के सफर से जुडी 10 दिलचस्प बातें-
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

2 of 11
स्वामी के पिता सीताराम सुब्रमण्यम जाने माने गणितज्ञ थे। वे एक समय में केंद्रीय सांख्यिकी इंस्टीच्यूट के डायरेक्टर थे। पिता की तरह ही स्वामी भी गणितज्ञ बनना चाहते थे। उन्होंने हिंदू कॉलेज से गणित में स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद से भारतीय सांख्यिकी इंस्टीच्यूट, कोलकाता पढने गए।
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

3 of 11
स्वामी के जीवन का विद्रोही गुण पहली बार कोलकाता में जाहिर हुआ। उस वक्त भारतीय सांख्यिकी इंस्टीच्यूट, कोलकाता के डायरेक्टर पीसी महालानोबिस थे, जो स्वामी के पिता के प्रतिद्वंद्वी थे। लिहाजा उन्होंने स्वामी को खराब ग्रेड देना शुरू किया। स्वामी ने 1963 में एक शोध पत्र लिखकर बताया कि महालानोबिस की सांख्यिकी गणना का तरीका मौलिक नहीं है, बल्कि यह पुराने तरीके पर ही आधारित है।

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

4 of 11
स्वामी ने महज 24 साल में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल कर ली। 27 साल में वे हार्वर्ड में गणित पढाने लगे थे। 1968 में अमृत्य सेन ने स्वामी को दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स में पढाने का आमंत्रण दिया। स्वामी दिल्ली आए और 1969 में आईआईटी दिल्ली से जुड गए।
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

5 of 11
उन्होंने आईआईटी के सेमिनारों में ये कहना शुरू किया कि भारत को पंचवर्षीय योजनाएं खत्म करनी चाहिए और विदेशी फंड पर निर्भरता हटानी होगी। इसके बिना भी भारत 10 फीसदी की विकास दर को हासिल कर सकता है। स्वामी तब इतने महत्वपूर्ण हो चुके थे कि उनकी राय पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था यह विचार वास्तविकता से परे है।
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

6 of 11
इंदिरा गांधी की नाराजगी के चलते स्वामी को दिसंबर, 1972 में आईआईटी दिल्ली की नौकरी गंवानी पडी। वे इसके खिलाफ अदालत गए और 1991 में अदालत का फैसला स्वामी के पक्ष में आया। वे एक दिन के लिए आईआईटी गए और इसके बाद अपना इस्तीफा दे दिया।
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

7 of 11
नानाजी देशमुख ने स्वामी को जनसंघ की ओर से राज्यसभा में 1974 में भेजा। आपातकाल के 19 महीने के दौर में सरकार उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस दौरान उन्होंने अमरीका से भारत आकर संसद सत्र में हिस्सा भी ले लिया और वहां से फिर गायब भी हो गए।

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

8 of 11
1977 में जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे। 1990 के बाद वे जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे। 11 अगस्त, 2013 को उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में कर दिया।

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

9 of 11
1977 में जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे। 1990 के बाद वे जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे। 11 अगस्त, 2013 को उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में कर दिया।

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

10 of 11
सोनिया गांधी को मुश्किल में डालने वाले स्वामी ने 1999 में वाजपेयी सरकार को गिराने की कोशिश की थी। इसके लिए उन्होंने सोनिया और जयललिता की अशोक होटल में मुलाकात भी कराई। हालांकि ये कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद वे हमेशा गांधी परिवार के खिलाफ ही नजर आए।
विज्ञापन

कभी राजीव के खास दोस्त थे स्वामी, जानें 10 दिलचस्प बातें

11 of 11
हालांकि एक समय में स्वामी राजीव गांधी के नजदीकी दोस्तों में भी शामिल थे। बोफोर्स कांड के दौरान वे सदन में ये सार्वजनिक तौर पर ये कह चुके थे कि राजीव गांधी ने कोई पैसा नहीं लिया है। एक इंटरव्यू में स्वामी का दावा है कि वे राजीव के साथ घंटों समय व्यतीत किया करते थे और उनके बारे में सबकुछ जानते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें