बोन कैंसर से जूझ रहे चंदन की बचपन से ही ये तमन्ना थी कि वे फाइटर प्लेन का पायलट बने। कैंसर ने उनका शरीर तोड़ दिया, लेकिन जज्बे के आगे ये बीमारी हार गई।
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तस्वीरें: फाइटर प्लेन पायलट बना छुटकू, हौसले को सलाम
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आखिरकार एक दिन आया जब एयरफोर्स ने चंदन के इस सपने को पूरा किया और उसे बाकायदा ट्रेनिंग देकर एक दिन का पायलट बनाकर उसे फाइटर प्लान में बैठाया।
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ये सारी प्रक्रिया वीरवार को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में की गई, जहां एयरफोर्स चीफ मार्शल आरूप राहा भी चंदन का हौसला बढ़ाने के लिए उससे मिले।
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एयरफोर्स चीफ मार्शल आरूप राहा ने चंदन को इस यादगार दिन के लिए बाकायदा एक प्रमाण पत्र भी दिया और उसके जज्बे की सराहना की।
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चंदन और एयरफोर्स अथारिटी के बीच दिल्ली की एक संस्था ‘उदय फाउंडेशन’ ने अपनी अहम भूमिका निभाई। दरअसल, ये संस्था कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए काम करती है। इसी संस्था के जरिये चंदन के सपनों को ‘एयरफोर्स’ ने उड़ान दी।