मेरी मां बहुत अच्छी थी, वह मुझसे बहुत प्यार करती थीं। मैं भी अपनी मां को बहुत प्यार करती थी...। अपनी मां डॉ. शालिनी आर्य की उठावनी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आई छोटी बेटी निखिता इन तीन वाक्यों के सिवा कुछ नहीं बोल सकी। वह रोती रही और उसके हृदय विदारक रुदन ने सभी को रुला दिया। (अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ)
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जब बेटी के मुंह से निकले दर्द भरे शब्द, नम हो गईं सबकी आंखें
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करीब दस मिनट तक उठावनी स्थल पर रह-रहकर सिर्फ रोने की आवाज सुनाई देती रही। मासूम बच्ची के आंसू ने हर शख्स को झकझोर दिया। सभी के चेहरे बुझे थे, आंखें नम थी और मन में एक सवाल था कि डॉ. शालिनी आर्य के साथ ऐसा क्यों हुआ।
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शुक्रवार को डॉ. शालिनी आर्य की उठावनी सदर आर्य समाज धर्मशाला में आयोजित की गई। उठावनी में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि डॉ. शालिनी आर्य मेरठ का गौरव थी और उनकी मौत पर पूरे शहर को अफसोस है।
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उन्होंने कहा कि शालिनी को इंसाफ मिलना चाहिए और वे इसके लिये हर संभव मदद करेंगे। भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि डॉ. शालिनी आर्य की मौत ने सभी को झकझोर दिया है।
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डॉ. शालिनी के परिवार के पुरोहित प्रेमराज शास्त्री ने कहा कि शालिनी ने हमेशा बेसहारा और गरीबों की मदद की। उठावनी में सपा व्यापार सभा प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, कांग्रेस नेता दिनेश अग्रवाल, कैंट बोर्ड पूर्व सभासद दिनेश गोयल के अलावा कई व्यापारी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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डॉ. शालिनी के ससुराल के लोग कितने व्यवहारिक हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शालिनी को अंतिम विदाई देने के लिए कोई नहीं आया। पति विशाल आर्य और मां वीना आर्य घटना के बाद से ही फरार हैं, जबकि विशाल की बहन और अन्य रिश्तेदार भी उठावनी में नहीं आए।