छठ पर्व केवल पूजा-अर्चना ही नहीं है, बल्कि यह पूर्वांचल वासियों की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत है। वहीं राबड़ी देवी इस बार लालू यादव के बिना ही छठ मना रही हैं। (सभी फोटो: पीटीआई)
वहीं चारा घोटाले के कारण जेल में बंद लालू यादव ने इस बार छठ मनाने से इंकार कर दिया। बीते कई सालों हर बार लालू यादव धूमधाम के साथ छठ उत्सव मनाते रहे हैं।
भैयादूज के तीसरे दिन से यह आरंभ होता है। पहले दिन सैंधा नमक, घी से
बना हुआ अरवा चावल और कद्दू की सब्जी प्रसाद के रूप में ली जाती है। इसके अलावा सूप की भी खरीददारी की जाती है।
तीसरे दिन यानी षष्ठी को पूरे 24 घंटे तक अन्न जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। इसी दौरान पटना में भाजपा कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी के मास्क पहनकर मुफ्त छठ पूजा की सामग्री वितरित की।
चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को कंद-मूल व गाय के दूध से अर्ध्य देने के
साथ ही यह व्रत सम्पन्न होता है। व्रतधारी व्रत संपन्न होने के बाद सबसे
पहले प्रसाद स्वरूप ठेकुआ खाते हैं। उसके बाद अन्न ग्रहण करते हैं।