दुनियाभर में अपने जहाज निर्माण के लिए मशहूर 'बोइंग' ने भारत में लड़ाकू विमान बनाने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत भारत में बड़ा निवेश करने जा रही है। तो आइए जानते हैं किन लड़ाकू विमानों का होगा निर्माण।
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भारत में ही बनेंगे 'अपाचे', 'चिनूक', सेना को मिलेगी नई ताकत
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कंपनी जिन रक्षा उत्पादों को भारत में असेंबल करने जा रही है उनमें वो दो हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं जिनके लिए भारत बोइंग से सौदा कर चुका है। उनमें से एक लड़ाकू हेलिकॉप्टर 'अपाचे' है जिसकी इस वक्त भारतीय वायु सेना को सख्त जरूरत है।
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भारत इन हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए बोइंग से करीब 200 करोड़ रुपये का करार किया है। इस करार के तहत बोइंग भारत को 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर की आपूर्ति करेगा। तो आइए जानते हैं ऐसी क्या खासियत है इन हेलिकॉप्टरों में जिसकी भारतीय सेना को सख्त जरूरत है।
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भारत ने जिस दूसरे हेलिकॉप्टर के लिए करार किया है उसका नाम है 'चिनूक'। यह एक ऐसा हेलिकॉप्टर है जो भारी से भारी सामान को दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचाने में सक्षम है। चाहे वह सेना का ट्रक हो या फिर टैंकर।
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बोइंग सीएच-47 चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिकी वायुसेना का एक जबर्दस्त हेलीकॉप्टर है जो भारी से भारी सामान उठाने के साथ ही एक बार में कई जवानों को किसी भी जगह आसानी से पहुंचाने में सक्षम है।
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इस हेलीकॉप्टर में दो इंजन लगे हैं जो इसे बेजोड़ ताकत और रफ्तार देते हैं। यह हेलीकॉप्टर 315 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।
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चिनूक हेलीकॉप्टर थल सीमा से लेकर समुद्री सीमा की भी निगरानी करने में सक्षम है। अगर भारत-अमेरिका की डील होती है तो जाहिर सी बात है कि इसके भारतीय वायु सेना की ताकत में अप्रत्याशित रुप से बढ़ोतरी होगी।
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इसकी क्षमता का अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह टैंकर को भी आसानी से उठा सकता है। इससे भारतीय थल सेना को ऊंचे पहाड़ियों पर टैंकर और भारी सामान ले जाने में काफी मदद मिलेगी।
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यह हेलीकॉप्टर फाइटर प्लेन का भी आसानी से उठा सकता है। इस चित्र में चिनूक एक एफ-15 लड़ाकू विमान को उठाता हुआ।
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चिनूक के बेजोड़ ताकत का अंदाजा इस तस्वीर से ही लगाया जा सकता है। वह सेना के टैंकर को भी आसानी से उठाने में सक्षम है। भारत को इससे दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में टैंकरों की तैनाती के लिए इससे काफी मदद मिलेगी।
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इसके अलावा भारत जिस दूसरे हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिए प्रयासरत है उसका नाम बोइंग एएच-64 अपाचे है। यह एक युद्धक हेलीकॉप्टर है जिसमें दो क्रू मेंबर बैठते हैं। इसे एएच-1 कोबरा हेलिकॉप्टर को विस्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया था।
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इस हेलीकॉप्टर में दो पायलट बैठ सकते हैं और दोनों ही इसे उड़ा सकते हैं। इसके अलावा यह अत्याधुनिक हथियारों से लैस है जो दुश्मन के इलाके में घुसकर तबाही मचाने में सक्षम है।
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यह हेलीकॉप्टर आगे तो उड़ता ही है साथ यह पीछे भी उड़ने में सक्षम है। जो इसकी मारक क्षमता अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देती है।
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यह दुनिया का ऐसा हेलीकॉप्टर है जो 'इंवर्टेड' करने में भी सक्षम है। इसका मतलब यह है कि यह उल्टा भी हो सकता है।