फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

विज्ञापन
1 of 8
जहां एक ओर धर्मांतरण जैसे मुद्दों के चलते सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश होती है। वहीं धार्मिक एकता की मिसाल पेश करती ये तस्वीरें भी सामने आ जाती है। आपके सामने नजर आ रही इस तस्वीर में दिख रहे शख्स का नाम मोहम्मद अहमद है। जो गौ हत्या के विरोध में पिछले 15 साल से साइकिल यात्रा कर रहे हैं और लोगों को इसके लिए जागरूक कर रहे हैं।
(सभी फोटो ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा)
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

2 of 8
ऐसा नहीं केवल मोहम्मद अहमद ही सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला मथुरा के सराय आजिमाबाद निवासी मुंशी खां से जुड़ा हुआ था। उनकी कोशिश को लोगों ने बहुत पसंद किया था।
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

3 of 8
इस कामयाबी के बीच शहर के सामाजिक संगठनों ने भी मुंशी खां की इंसानियत भरी सोच का सम्मान किया। ‘मंदिर ही नहीं बनवाया, रोज दीपक भी जलाते हैं।

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

4 of 8
मुंशी खां बजरंगबली पर चोला चढ़ा रहे थे। उनकी इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पूरी तरह छा गए। उनकी इस पहल का सामाजिक संस्थाओं ने स्वागत किया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

5 of 8
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा के सराय आजिमाबाद मोहल्ले में मुंशी खां की अनूठी इबादत वाकई लोगों को आकर्षित करती है। रोजाना पांच वक्त की नमाज और शाम को बजरंगबली का स्मरण करने वाले मुंशी हकीकत में इंसानियत की नौका लेकर शांति और भाईचारे की लहर पर सवार हैं।

विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

6 of 8
हाईवे के समीप बसे मोहल्ले में रहने वाले मुंशी मजदूर के किरदार में अपने घर में नजर आते हैं। वे इंसानियत असल पैरोकार हैं और बंदिशों से बेफिक्र हो कहते हैं कि यह हनुमानजी का आदेश है। मुंशी बताते हैं कि एक रोज नमाज पढ़कर लौटा तो आंख लग गई। स्वप्न में हनुमानजी आए तो मैंने पूछा कि मैं मुसलमान हूं तुम मेरे पास क्यों आए हो। इसके बाद सपने में हनुमानजी बोले कि मैंने तो सबको इंसान बनाया है, बांटने का काम तो तुम लोगों ने खुद किया।
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

7 of 8
मुंशी खां भावुक होकर बताने लगे कि उसके बाद से उनका हर काम अच्छा होने लगा। वह शहर के भैंस बहोरा इलाके से बजरंगबली की मूर्ति लेकर आए और अपने घर के पास दो माह पहले मूर्ति स्थापना करा दी।
विज्ञापन

PICS: गौहत्या के खिलाफ एक मुसलमान का अभियान

8 of 8
मुंशी खां के बारे में नजर डालें तो वे बजरंगबली को समय समय पर चोला भी चढ़ाते हैं। घरवालों की रजामंदी के सवाल पर मुंशी खां कहते हैं कि हमें कोई भी मजहब बैर करना नहीं सिखाता। हमारे फैसले से परिवार खुश है। हम तो इंसानियत के पुजारी हैं और मजदूरी करके रोजीरोटी चलाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें