दुनिया के सबसे ऊंचे और ठंडे रणक्षेत्र सियाचिन में बर्फीले तूफान में दबे नौ सैनिकों के शव मंगलवार को बरामद कर लिए गए। छह दिनों की जद्दोजहद के बाद बचाव टीम जवानों का शव बरामद कर सकी। पढ़िए सियाचिन के बर्फीले तूफान में शहीद हो गए जवानों का ब्योरा-
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हनुमंथप्पा के ये नौ साथी सरहद की सुरक्षा में मर मिटे
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तीन फरवरी को सियाचिन में अचानक बर्फीला तूफान आने से वहां तैनात दस सैन्य कर्मी दब गए थे। ये तस्वीर सियाचिन में शहीद तमिलनाडु के कृष्णा गिरी जिले के गुडीसताना पल्ली गांव निवासी सिपाही रामा मूर्ति की है।
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सात दिन से बर्फबारी और विपरीत मौसम के बावजूद चले बचाव अभियान के बाद सोमवार को हनमनथप्पा को जीवित निकाल लिया गया था। नई दिल्ली के आरआर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। ये तस्वीर तमिलनाडु के तेनी जिले के कुमानं थोजहु गांव निवासी लांस हवलदार एस कुमार की है।
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कर्नाटक के मैसूर जिले के एचडी कोटे गांव निवासी सिपाही महेशा पीएन भी सियाचिन में शहीद हो गए। बचाव दल ने आठ जवानों के शव मंगलवार को बरामद किए, जबकि एक जवान का शव सोमवार को बरामद किया गया।
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ये तस्वीर तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के दुक्कम पराई गांव निवासी हवलदार एलुमलाई की है। सभी शवों को सियाचिन के बेस कैंप में रखा गया है, जिसे अंतिम सलामी के बाद उनके पैतृक निवास रवाना किया जाएगा।
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तमिलनाडु के मदुरै जिले के चोक्काथेवंपट्टी गांव निवासी सिपाही गणेसन सियाचिन में शहीद हो गए।
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केरल के कोल्लम जिले के मोंरोएथुरुथ गांव निवासी लांस नाइक सुधीश।
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कर्नाटक के हस्सन जिले के तेजुर गांव निवासी सूबेदार नागेशा टीटी।
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आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के परनापल्ले गांव निवासी सिपाही मुश्ताक अहमद।