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इस नेत्रहीन बेटी को सलाम, जिसका लोहा मोदी ने भी माना

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देश की पहली पूर्ण दृष्टिहीन महिला भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की अधिकारी बनने वाली तमिलनाडु  की 25 वर्षीय एनएल बेनो जेफीन अपनी नई भूमिका को लेकर काफी उत्साहित हैं। जेफीन का कहना है कि वह दुनियाभर में घूम कर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं।
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इस नेत्रहीन बेटी को सलाम, जिसका लोहा मोदी ने भी माना

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उन्हें केंद्र सरकार की ओर से पिछले सप्ताह 60 दिन के भीतर रिपोर्ट करने का आदेश मिला है। 2014 में परीक्षा पास करने के बाद अब उन्हें विदेश मंत्रालय की ओर से पत्र भेजा गया है।
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100 फीसदी दृष्टिहीन व साहित्य से स्नातक जेफीन दिल्ली आने और अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए काफी उत्साहित हैं।

इस नेत्रहीन बेटी को सलाम, जिसका लोहा मोदी ने भी माना

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जेफीन ने कहा कि उन्हें सूचना दी गई हैं कि उनकी संभावित नियुक्ति भारत के साथ ही विदेश में भी हो सकती है।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ‘मुझे बताया गया कि मैं आईएफएस के लिए योग्य हूं, हालांकि इससे पहले किसी भी 100 फीसदी दृष्टिहीन व्यक्ति को यह पद नहीं दिया गया है।’
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पीएचडी की छात्रा जेफीन वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पीओ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।
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