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शूटआउट एट बागपत: देखें कलेजा कंपा देने वाली तस्वीरें

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दोघट क्षेत्र में एक के बाद एक हत्या पर हत्या किए जा रहे एक लाख के इनामी सीरियल किलर प्रमोद राठी के गिरोह के साथ सोमवार सुबह आठ बजे गांगनौली गांव के ईख के खेत में क्राइम ब्रांच की स्वात टीम के साथ मुठभेड़ हो गई। (तस्वीरें: अमर उजाला, बड़ौत (बागपत))

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लगभग एक घंटे चले इस एनकाउंटर में पांच हजार का इनामी मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव का प्रवीन उर्फ भगत ढेर हो गया और प्रमोद का भाई रवि गोली लगने से घायल हो गया। बदमाशों की एक गोली स्वात टीम के इंचार्ज दारोगा समय सिंह की बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगी है।

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पुलिस की तगड़ी घेराबंदी के बावजूद प्रमोद और 12 हजार का इनामी परमवीर तुगाना समेत छह बदमाश फायर करते भाग निकले। प्रमोद और परमवीर के हाथों में कार्बाइन बताई गई हैं।

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पुलिस को मिली एक सटीक सूचना पर ओम सिंह के खेत में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस को मौके से एक 30 स्प्रिंग फील्ड राइफल, एक पंप एक्शन गन, एक देसी पिस्टल, एक तमंचा, 300 कारतूस और 25 खोखे मिले। इनके अलावा सात मोबाइल फोन, एक डायरी, चारपाई, खाना बनाने का सामान और तीन स्लीपिंग बैग बरामद हुए हैं।

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मौके पर पहुंचे आईजी मेरठ जोन आलोक शर्मा ने बताया एक सटीक सूचना पर पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की। दो बदमाश घायल हुए हैं। एक घायल भाग गया, दूसरे को अस्पताल पहुंचा गया, उसने दम तोड़ दिया।
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घायल को बाद में थोड़ी दूरी पर एक भट्ठे से पकड़ा गया। एसपी जितेंद्र शाही ने बताया मृतक बदमाश प्रवीन उर्फ भगत है और घायल अपराधी प्रमोद का भाई रवि है। मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम को आउट आफ टर्न प्रमोशन और राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए संस्तुति भेजी जाएगी।

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प्रवीन पर 14 और रवि पर 10 मुकदमें बताए हैं। प्रमोद गैंग 30 से अधिक लोगों की हत्या कर चुका है। इनमें से तीन तो पुलिस सुरक्षा में मारे हैं। गिरोह की दहशत के कारण गांव के सात परिवारों को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। गांगनौली में चौबीसों घंटे पीएसी भी तैनात रहती है। प्रमोद का साथी अमित उर्फ सद्दाम पिछले साल अचानक चली अपनी ही गोली से मारा गया था।

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कुख्यात प्रमोद गैंग के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो जाना भी कम हैरानी की बात नहीं है, जहां एनकाउंटर हुआ है, वहीं पर बदमाश छुपे थे। एक या दो दिन से नहीं, साल भर से। सबको मालूम था कि प्रमोद गैंग दिन में खेत पर रहता है, रात को गांव में आकर किसी के घर में छुप जाता और फिर सुबह को वापस खेत में चला जाता है।

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कुख्यात प्रमोद गैंग के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो जाना भी कम हैरानी की बात नहीं है, जहां एनकाउंटर हुआ है, वहीं पर बदमाश छुपे थे। एक या दो दिन से नहीं, साल भर से। सबको मालूम था कि प्रमोद गैंग दिन में खेत पर रहता है, रात को गांव में आकर किसी के घर में छुप जाता और फिर सुबह को वापस खेत में चला जाता है।

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यदि दो दिन भी पुलिस ठीक से घेराबंदी कर ले तो वह हाथ आ जाएगा। अमर उजाला ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी कि पुलिस की आंखों के सामने ही है प्रमोद।

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दरअसल, गांगनौली में जिन घरों पर पुलिस तैनात की थी, वहां से प्रमोद को गलियों में आते जाते देखा जा सकता था। इसके बावजूद उसका नहीं पकड़ा जाना सबको हैरान कर रहा था। पुलिस और बदमाश एक ही गांव में है, फिर भी न तो कभी आमना-सामना हो रहा है, न ही गोली चल रही है। इसे इत्तेफाक कहें या फिर कुछ और कि पुलिस की आंखों के सामने होते हुए भी प्रमोद मुठभेड़ में बचकर भाग निकला।

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मुठभेड़ के बाद पुलिस को दो ऐसी चीज हाथ लगी हैं, जिनसे प्रमोद ही नहीं, कई बड़े बदमाशों तक पहुंचा जा सकता है। एक तो है सात मोबाइल, जिनका कॉल डिटेल निकलवाया जा रहा है। दूसरा है, प्रमोद की डायरी। इसमें कई सफेदपोशों के नाम और मोबाइल नंबर हैं। ये बागपत और मुजफ्फरनगर के बताए हैं। पुलिस इसके बारे में जांच पड़ताल कर रही है।

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ऐसी चर्चा बहुत दिनों से है कि कुछ पुलिस वाले भी प्रमोद गैंग की मदद करते हैं। इनमें से एक सिपाही का पिछले साल नाम भी सामने आया था, जब उसने अपनी ही गोली लगने से घायल प्रमोद के साथी अमित उर्फ सद्दाम को बचाने के लिए पूरी कोशिश की थी।

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मुठभेड़ में घायल प्रमोद के भाई रवि को जब कई ग्रामीण उठाकर अस्पताल ले जाने लगे तो उसने उनसे कहा मुठभेड़ नहीं हुई है। उन पर हमला परीक्षित के भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया है। गौरतलब है कि पिछले साल प्रमोद गैंग ने गांगनौली के ही परीक्षित की हत्या की थी। इस बारे में पूछे जाने पर आईजी ने कहा वह झूठ बोल रहा है। उसे पुलिस मुठभेड़ में ही गोली लगी है।
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पुलिस का कहना है कि रवि को भट्ठे से घायल अवस्था में ग्रामीणों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। उधर, कई गांव वालों ने कहा उसे ग्रामीण ही अस्पताल ले गए। प्रमोद गैंग की मदद करने वाले लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस का विरोध भी किया था। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। पुलिस रिकार्ड में प्रमोद के खिलाफ 30 केस दर्ज हैं, लेकिन हकीकत में उसके गुनाहों का कोई हिसाब ही नहीं है।
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