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तस्वीरों में देखिए, यूपी पुलिस की एक और नाकामी

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मेरठ में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में विक्टोरिया पार्क के पास बाइक सवार बदमाशों ने बंदी वाहन पर हमला कर पुलिस कस्टडी से तीन बदमाशों को छुड़ा लिया। दो बदमाश फरार हो गए, जबकि एक को पुलिस ने पब्लिक के सहयोग से पकड़ लिया। (तस्वारें- अमर उजाला, मेरठ)
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घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाईं, मगर कामयाबी नहीं मिली। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:20 बजे की है। पुलिस लाइन से सिपाही जिले सिंह, दयाचंद, नीलकमल, कुलदीप, मनोज और दुष्यंत जिला जेल से सात बंदियों को संप्रेक्षण गृह में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने लाए थे।
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बंदियों को पेशी से जिला जेल ले जाते समय विक्टोरिया पार्क सीताराम हॉस्टल के पास चार-पांच मोटरसाइकिलों पर सवार करीब सात बदमाशों ने बंदी वाहन को घेरकर रोका और फायरिंग कर दी। वैन में तीन पुलिसकर्मी आगे, जबकि तीन पीछे बैठे थे।

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पीछे बैठे सिपाहियों से बंदी हिमांशु, मोनू और अरविंद ने मारपीट की। इसी दौरान बदमाशों ने वाहन का दरवाजा खोला और बंदी मोनू पुत्र कालीचरण निवासी गांव अछरौंडा परतापुर और अरविंद पुत्र रामबीर कश्यप निवासी मोहल्ला ब्रह्मपुरी दौराला बदमाशों की बाइक पर बैठकर फरार हो गए। तीसरा बंदी हिमांशु उर्फ नरसी निवासी मोदीनगर पैदल भागने लगा।
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पुलिसकर्मियों ने शोर मचाया तो राहगीरों की मदद से हिमांशु को पकड़ लिया गया, मगर मोनू और अरविंद जेल चुंगी वाली सड़क की तरफ फरार हो गए। कस्टडी से बदमाशों के फरार होने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रमित शर्मा और एसएसपी ओंकार सिंह मौके पर पहुंचे।
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हिमांशु को पकड़वाने में मदद करने वालों और पास में ही चाय बेचने वाले से घटनाक्रम की जानकारी ली। पकड़े गए बंदी हिमांशु उर्फ नरसी और वाहन में सवार अन्य चार बंदियों को पुलिस लाइन लाकर पूछताछ की गई। हिमांशु से अलग कमरे में एक घंटा पूछताछ चली। फरार मोनू परतापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और सोनू-मोनू गैंग बना रखा है। अछरौंडा में रंजिशन हत्या के अलावा लूट की कई वारदातें सोनू-मोनू गैंग ने की हैं। वहीं, दौराला के अरविंद के बारे में भी पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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उधर, पूछताछ के बाद आईजी जोन ने फरार हुए मोनू और अरविंद की धरपकड़ के लिए एसएसपी को टीम गठित कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एसएसपी ने बताया कि फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। परतापुर और दौराला में इनके घरों पर दबिश दी गई, मगर बंदी नहीं मिल सके।

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देर शाम, सिपाही जिले सिंह की तरफ से पुलिसकर्मियों पर कातिलाना हमला, बलवा और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट के तहत सिविल लाइन थाने में सात अज्ञात बदमाशों के अलावा बंदी हिमांशु तथा फरार हुए मोनू और अरविंद के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया गया। सूत्रों के अनुसार, बंदियों को फरार कराने की योजना करीब एक माह से बनाई जा रही थी। पहले प्रयास में ये बंदी फरार होने में नाकाम हो गए थे। लेकिन शुक्रवार को ये भागने में कामयाब हो गए।
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दरअसल, 10 दिसंबर को बंदी हिमांशु उर्फ नरसी, मोनू, अरविंद और इनके कुछ साथियों को जब जिला जेल से संप्रेक्षण गृह में किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, तो सिपाही सनी कुमार और उसके साथियों पर हमला किया गया था। उस दिन भी बंदियों ने मारपीट कर भागने की कोशिश की थी।
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