इंटर कालेज की चार मंजिली इमारत पर परीक्षा देते छात्र-छात्राओं को नकल कराते उनके घरवालों की ये तस्वीरें तो आप अभी भूले नहीं होंगे।
विज्ञापन
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
2 of 10
बिहार की इंटरमीडिएट परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को नकल कराने की इन तस्वीरों ने देश ही नहीं दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं थी। कुछ ऐसी ही तस्वीरें एक बार फिर सामने आई हैं।
विज्ञापन
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
3 of 10
जहां बिहार के आरा स्थित वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी के एग्जाम में छात्र-छात्राएं खुलकर नकल करने में लगे हुए हैं।
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
4 of 10
आलम ये है कि परीक्षाएं देने में लगी छात्राएं बे रोक-टोक किताबें खोलकर नकल करने में लगी हैं।
विज्ञापन
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
5 of 10
परीक्षाओं के दौरान नकल करते समय ये छात्राएं किसी हड़बड़ी में नहीं दिखाई देतीं। बल्कि पूरे इत्मीनान से किताब सामने रखकर प्रश्नों के उत्तर ढूंढे जाते हैं।
विज्ञापन
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
6 of 10
लगभग सभी परीक्षाओं में यही आलम है। जहां छात्राएं किताबें खोलकर सामने रख लेती हैं और आराम से नकल करती हैं।
विज्ञापन
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
7 of 10
ये स्थिति किसी एक कालेज की नहीं है बल्कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कालेजों में यही हालत हैं। जहां छात्राओं को सामूहिक नकल करवाई जा रही है।
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
8 of 10
हालांकि कुछ कालेजों में छात्राएं थोड़ा 'एहतियात' बरतती हैं और किताब सामने न रखकर अपनी टांगों पर रखकर नकल को अंजाम देती हैं।
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
9 of 10
ऐसा नहीं है विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। बल्कि ये सब उनकी निगाहों के सामने ही हो रहा है। लेकिन विश्वविद्यालय के उपकुलपति इसमें अपनी बेबसी जाहिर करते हैं।
लड़कियों की इन हरकतों को देख नहीं होगा आंखों पर यकीन, तस्वीरें
10 of 10
उप कुलपति लीलाधर साहा इसका दोष प्रदेश शासन पर मढ़ते हुए कहते हैं कि प्रशासन ही इस संबंध में सहयोग नहीं कर रहा तो छात्रों को नकल से कैसे रोका जा सकता है। हर कालेज में छात्रों की संख्या हजारों में है जबकि शिक्षक गिनती के। एक कक्षा में 50 छात्र परीक्षा देते हैं जबकि शिक्षक एक या दो ही होते हैं ऐसे में वो किसे किसे रोक सकते हैं। वो निराशा से कहते हैं कि इस माहौल में नकल को रोकना संभव नहीं है।