वित्तीय क्षेत्र में सेवाएं देने वाले इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसिंग प्लेटफार्म पेवर्ल्ड ने स्टेट बैंक के साथ मिल कर पेवर्ल्ड कैश प्वाइंट के नाम से एक योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत एटीएम विहीन क्षेत्र में भी नकदी निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जन धन योजना के तहत खाता खुलवाने वाले ग्रामीण क्षेत्र के खाताधारकों को सहूलियत होगी। (ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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जहां ATM नहीं है वहां भी मिलेंगे पैसे, जानिए क्या है तरकीब
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पेवर्ल्ड के सीओओ प्रवीण धभाई का कहना है कि पेवर्ल्ड कैश प्वाइंट के अंतर्गत उन क्षेत्रों में पेवर्ल्ड रिटेल केंद्रों पर नकद राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जहां एटीएम उपलब्ध नहीं हैं या जहां से एटीएम केंद्र तक जाना मुश्किल है।
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पेवर्ल्ड के प्रायोजकों का दावा है कि इस सुविधा से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में रहने वाले ऐसे लाखों लोगों को मदद मिलेगी, जिन्होंने प्रधानमंत्री की जन-धन योजना के तहत बैंक खाता खुलवा लिया है और डेबिट कार्ड भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन उनके आसपास कोई एटीएम मशीन उपलब्ध नहीं है।
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उन्होंने बताया कि कंपनी का शुरुआती लक्ष्य 500 रिटेलरों को इस योजना से जोड़ने का है। इसके बाद अगले साल मार्च तक इसकेदायरे में 5,000 रिटेलरों को लाया जाएगा। पेवर्ल्ड कैश प्वाइंट में किसी रिटेलर द्वारा ग्राहक को मशीन के जरिये नहीं बल्कि हाथो-हाथ भुगतान किया जाता है।
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यह सेवा छोटे कार्ड रीडर की मदद से संचालित की जाएगी, जिसके साथ ब्लूटूथ की मदद से या कोई ऑडियो जैक का इस्तेमाल करते हुए कोई एंड्रायड स्मार्ट फोन का जुड़ा होना जरूरी होगा। पेवर्ल्ड चेन्नई स्थित सुगाल एंड दमानी ग्रुप के महत्वाकांक्षी 2 अरब डॉलर के कारोबार का एक हिस्सा है।
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ऐसे मिलेगी ये सुविधा- इस योजना के तहत किसीअधिकृत दुकान (किराना या फार्मेसी) पर कैशआउट सुविधा संचालित की जा सकती है जिसमें अतिरिक्त स्थान और भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं पड़ती।
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रिटेलर इसके लिए अपने स्मार्ट फोन के साथ कार्ड रीडर को जोड़ते हुए इसमें पहले से इंस्टॉल पेवर्ल्ड ऐप का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बस ग्राहक के डेबिट कार्ड को स्वाइप करना होता है और बैंक द्वारा पुष्टि हो जाने के बाद नकद राशि ग्राहक को देनी पड़ती है। पेवर्ल्ड ने इस योजना के संचालन के लिए स्टेट बैंक के साथ भागीदारी शुरू की है।