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धीरे धीरे पत्थर बनती जा रही है ये औरत, जानिए क्यों

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वो गाना याद है 'हंसते हंसते कट जाएं रस्ते'? गाने की यह लाइन इस महिला पर बिलकुल फिट बैठती है जो इतनी बड़ी बीमारी से जूझ रही हैं कि आप सोच भी नहीं सकते लेकिन फिर भी देखिए, जिंदगी का हर पल कैसे दिल खोल कर जीना चाहती हैं।
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धीरे धीरे पत्थर बनती जा रही है ये औरत, जानिए क्यों

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ये हैं 32 साल की एशले कर्पील जो फाइब्रोडिसप्लासिया ऑसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा नाम की बीमारी से जूझ रही हैं। इसके कारण इसका शरीर धीरे धीरे पत्थर जैसा कड़क होता जा रहा है। दुख की बात यह है कि इसका कोई इलाज भी नहीं है।

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एशले का दायां हाथ और कंधा पहले ही काटा जा चुका है और अब इन्हें चलने फिरने में भी बहुत दिक्कत होती है क्योंकि इसका दर्द असहनीय है। इस बीमारी के कारण इनकी मांस पेशियां हड्डियों की तरह कड़ी होती जा रही हैं।

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बीमारी न केवल मांस पेशियों पर बल्कि शरीर के लिगामेंट और टिशू पर भी भारी असर डाल रही है। छोटी सी भी चोट इस बीमारी को और बढ़ा सकती है।
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लेकिन इन सब के बावजूद वे अपनी जिंदगी पूरे जोश के साथ जीती हैं। वो कहती हैं,'' मैं एक जीता जागता कंकाल बनती जा रही हूं। मुझे नहीं पता मैं कितने दिन चल फिर पाउंगी इसलिए मैं हर लम्हा जीना चाहती हूं।''

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एशले सर्फिंग की काफी शौकीन हैं और हर साल पानी में स्केटबोर्ड की सवारी करने जरूर जाती हैं। उन्हें दुनिया घूमना पंसद है और लोगों से मिल कर उन्हें खुशी होती है।
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यहां तक कि वे दलाई लामा से भी मिल चुकी हैं। वे अपने जैसे औऱ मरीजों के परिवारों से भी मिलती हैं, उनकी परेशानियां सुनती हैं और उनके सवालों के जवाब देती हैं।
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वे जब सिर्फ ढाई साल की थीं जब उनकी इस बीमारी का पता चला था। डॉक्टरों को लगा था कि उन्हें ट्यूमर है लेकिन जल्द ही वे असली समस्या पहचान गए।
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