इससे पहले की हम आपको ऑयल रेस्लिंग वाली परंपरा के बारे में बताएं, जान लीजिए कि युनाईटेड नेशन की कल्चरल एजेंसी ने दुनिया की कुछ परंपराओं के बारे में लोगों को बताने और उनके आगे बढ़ते जाने का जिम्मा लिया है।
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UNESCO ने इन परंपराओं को माना सबसे अजीबोगरीब
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तुर्की के ईर्डेन में कर्कपिनार में हर साल ऑयल रेस्लिंग कॉम्पटीशन होता है। इस प्रतियोगिता में कई मर्द एक-दूसरे से कुश्ती करते हैं। बदन पर खूब तेल लगाकर कुश्ती करने की वजह से ये थोड़ा कठित हो जाता है। जीतने वाले को कबीले का पहलवान कहा जाता है। सभी तस्वीरें डेली मेल से।
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मध्य अफ्रीका के अका पिजमीज लोगों के गाने का तरीका, ये भी इस लिस्ट में शामिल है।
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हमारे यहां जैसे दही-हांडी फोड़ने के लिए लोगों की ऋंखला बनती है, ठीक वैसे ही स्पेन के लोग भी ये ऋंखला बनाते हैं।
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चीन के कोरियाई मूल के कुछ किसान इस डांस को करते हैं। इस अजब-गजब नाच को समाज के बड़े लोग छोटो को सिखाते हैं और इसे अगली पीढ़ी को पास करते हैं।
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इस डांस को करके ये लोग अपने भगवान को श्रृद्घांजलि देते हैं।
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स्पेन में मानव ऋंखला से ह्यूयूमन टॉवर बनाने की परंपरा को कैसटेल्स बोला जाता है।
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अमेरिका के कॉस्टा रिका में बैलगाड़ी को पेंट कर सजाया जाता है। 20 सदीं से लोग ऐसा काम करते चले आ रहें हैं।
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ये कमाल का होता है।
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साउथ अफ्रीका के नाइजर में कुछ समुदायों में एक-दूसरे का मजाक उड़ाने की परंपरा है।
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स्पेन में ही ला गोमेरा में कई लोग एक खास तरह की विसेल वाली भाषा का प्रयोग कर बातें कर पाते हैं। अपने हाथों से कई बार नाक तो कभी मुंह को दबाकर तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं। ये काफी अलग है।
आपको जानकर हैरत होगी कि मंगोलिया के कई हिस्सों में लोग अपने मर चुके जानवरों की हडिड्यों को काफी खास मानते हैं। उन्हें साथ रखते हैं और उससे कई गाने-बजाने के यंत्र बनाते हैं। कई बार उससे बंदूकें बना लेते हैं। इसके बाद निशानेबाजी का खेल होता है। इसे नकल बोन शूटिंग बोलते हैं।