जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
Wed, 01 Apr 2015 02:14 PM IST
क्या सिर्फ विशाल जानवरों की खूनी भिड़ंत ही सब कुछ है? जरा गौर फरमाइए इन नन्हों की लड़ाई पर। आप भी मान ही जाएंगें।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
इन तस्वीरों को भारत के फोटोग्राफर श्रीकुमार महादेवन पिल्लई ने खींचा है। तस्वीरें तिरुवल्ला नाम के जगह से हैं। सभी तस्वीरें डेली मेल से।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
श्रीकुमार ने ये तस्वीरें अपने गार्डेन से लीं जब उन्होंने दो चीटिंयों को एक पतली से शाखा पर बैठी मक्खी को पाने के लिए भिड़ंते देखा।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
ये नजारा वाकई कैद कर लेने लायक था। परफेक्ट एक्शन के साथ परफेक्ट रंग का कॉम्बो वाकई आकर्षित करता दिख रहा था।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
मक्खी बेचारी अपने दो पंख को ही अपनी बदकिस्मती से मान रही है। आखिर उसके पंखों के साथ चीटिंया इतना बुरा बर्ताव जो कर रही हैं।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
आप देखेंगे कि कैसे ज्यादा देर तक ये लड़ाई अकेले की नहीं रह गई।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
फटाफट ही कई और चीटिंयों ने एक बेचारी मक्खी पर धाबा बोल दिया।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
सभी उसको खाना चाहती थीं। सब के सब एक मक्खी के लिए उस शाखा पर टूट पड़ी।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
तस्वीरों को वाकई सुपर जूम कैमरे से कैद कर लिया गया है।
जब मक्खी की जान पर आमादा हुईं चीटिंया, भिड़ी जंग
आखिरकार मक्खी को सभी ऑरेंज रंग की चीटिंयों बीच हार मान ही लेना पड़ा। अंत आते-आते मक्खी का अंत ही हो गया।