थाइलैंड के फुके में लोग बड़े हो जाने की खुशी में कुछ भयावह काम करते हैं। 10 दिन तक चलने वाले एक त्योहार में कोयले पर चलकर और कुछ लोग अपने मुंह में ऐसी भयंकर चीजें आर-पार कर भगवान को खुश करते हैं।
विज्ञापन
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
2 of 8
केन्या के मसाई जनजाति की औरतें अपने आप को और खूबसूरत करने के लिए कानों का ये हाल करवाती हैं। सभी तस्वीरें ऑडी से।
विज्ञापन
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
3 of 8
थाइलैंड के फुके की परंपरा का ही एक नमूना।
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
4 of 8
अरूनाचल प्रदेश के जीरो वैली में रहने वाली अपातानी ट्राइब की औरतें अपनी
नाक का ये हाल करवाती हैं। वो मानती हैं ऐसा करने से गैर मर्द उन्हें
बदसूरत मानेगा और उसको परेशान नहीं करेगा। अब औरतें वहां ऐसा नहीं करवाती।
विज्ञापन
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
5 of 8
सूडान के डिंका जनजाति में लड़कियों को जलते हुए चाकू से मुंह पर एक खास
तरह की डिजाइन बनाई जाती है। वैसे ही लड़को को भी पीठ पर बनाई जाती है। ये
लड़कियों के लिए सुंदरता और लड़कों के लिए पौरूषता की निशानी होती है।
विज्ञापन
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
6 of 8
बाली में दांतो को जानबूझकर ज्यादा नुकीला बनाया जाता है। उनको नुकीला तब बनाया जाता है जब बच्चा किशोरावस्था में जाता है।
विज्ञापन
उफ! परंपराओं की खातिर कर लिया शरीर का ये हाल
7 of 8
साउथ अफ्रीका में ही सारा और लोबी जनजाति के लोग लिप प्लेट और लिप डिस्क का रिवाज अपनाते हैं। खूबसूरती की निशानी।
इस प्रोसेज को अंग्रेजी में स्कारिफिकेशन बोला जाता है। न्यू गीनिया में सेपिक जनजाति के लड़कों की पीठ को इस तरह से हमेशा के लिए निशान दे दिया जाता है। माना जाता है कि वो ऐसा करने के बाद मर्द बन जाते हैं और शादी के लिए तैयार होते हैं।