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गंभीर बीमारी से ग्रस्त ये दोनों बच्चियां, शॉपिंग बैग से भी कम हैं वजन

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एक अजीबोगरीब बीमारी और बौनेपन से ग्रसित ये दो बच्चियां सबके लिए अंचभे और आकर्षक का केंद्र बनती हैं। इनका नाम है लोरा और क्लेयर हार्टले। मात्र 5 फीट लंबी ये लड़कियां 9 और 14 साल की हैं। जबकि दोनों का वजन मिलाकर भी केवल 19 किलो की हैं।
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गंभीर बीमारी से ग्रस्त ये दोनों बच्चियां, शॉपिंग बैग से भी कम हैं वजन

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ये चल, बोल और देख नहीं सकतीं लेकिन इन सबके बावजूद इनकी मां इनसे बेहद प्यार करती हैं। मां ग्वेन कहती हैं कि दिखने में भले ही ये अलग हों लेकिन इनकी पसंद नापसंद सब एक आम लड़की जैसी हैं।
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इन बच्चियों को गाने सुनना पसंद है। ये दोनों बच्चियां बौनी ही पैदा हुई थीं और जन्म से ही माइक्रोसेफली नाम की न्यूरोलॉजिकल बीमारी से ग्रसित हैं। इस बीमारी में दिमाग का पूरा विकास नहीं हो पाता और सिर छोटा सा रह जाता है।

गंभीर बीमारी से ग्रस्त ये दोनों बच्चियां, शॉपिंग बैग से भी कम हैं वजन

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बड़ी बेटी क्लैयर जब पैदा हुई थी तो डॉक्टरों ने ग्वेन और उनके पति स्कॉट से कह दिया था कि यह एक साल से ज्यादा जिंदा नहीं रह पाएगी। तब से उन्होंने सोच लिया था कि उसका हर एक लम्हा खूबसूरत बनाएंगे। देखिए, 14 साल बाद भी वह जिंदगा और अच्छी भली है।
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ग्वेन कहती हैं कि इन्हें देखने वाले लोग इनके कद के कारण भूल ही जाते हैं कि ये 9 और 14 साल की हैं। क्लैयर 3 फीट की हैं और इसका वजन 10 किलो है। छोटी बेटी लोरा 2 फीट की है और वजन 0.90 ग्राम है।
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ग्वेन को बुरा लगता है जब लोग उनकी बेटियों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं। वे इन्हें देख कर चिढ़ाते हैं, गोद में उठाते हैं और मजाक बनाते हैं। लेकिन कुछ लोग उन्हें किसी देवी से कम नहीं मानते।
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क्लैयर शांत बच्चों में से है लेकिन लोरा को हर वक्त अपने मां पिता का लाड़ प्यार चाहिए होता है। ग्वेन बताती हैं कि प्रेगनेंसी के 19 हफ्तों तक उन्हें बच्चे की बीमारी का पता नहीं चला। लेकिन तीन महीने पूरे होने पर उसका छोटा सिर औऱ शरीर दिखऩे लगा। डॉक्टरों ने बताया कि उसे माइक्रोसेफली बीमारी है।
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अपनी बेटियों की लगातार देखरेख औऱ सेवा कर के आखिरकार ग्वेन ने उन्हें बचा ही लिया। ग्वेन का पूरा परिवार इन दोनों से बहुत प्यार करता है और उनके साथ वैसा ही व्यवहार करता है जैसे साधारण बच्चियों के साथ किया जाता है। तस्वीरें-डेलीमेल से।
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