ऐसी कुछ तस्वीरें आई हैं जो दिखाती हैं कि महिला बॉडीबिल्डरों को खुद को फिट रखने और प्रतियोगिताएं जीतने के लिए शरीर के साथ क्या करना होता है।
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स्टेज के पीछे प्रतियोगिता जीतने के लिए ये सब करती हैं महिला बॉडीबिल्डर्स
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सोचिए जरा हर रोज किसी का अगर यही शेडयूल हो कि उसे जरूरत से ज्यादा खाना पड़े, जरूरत से ज्यादा पानी पीने पड़े और वाइन हर रोज गटकनी पड़े, तो कैसे हो? सभी तस्वीरें डेली मेल से।
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इंसानी शरीर को जरूरत के मुताबिक हर रोज खाना-पीना चाहिए होता है। लेकिन महिला बॉडीबिल्डरों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने के लिए ऐसा शेड्यूल रखना होता है कि कोई भी डर जाए।
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ये महिलाएं बहुत सारा जंक फूड्स खाती हैं। हर रोज दस लीटर तक पानी पीती हैं और प्रतियोगिता में जाने से ठीक पहले काफी वाइन भी। उनका मानना है कि वाइन बॉडी को डीहाइड्रेट रखने में मदद करता है और उनके मसल्स को और अच्छा दिखाता है।
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ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में स्थित सर चार्ल्स गेडनर के डॉ डेविड माउंटेन ने महिला बॉडीबिल्डरों की इस आदत को काफी खतरनाक बताया है।
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उनके मुताबिक ऐसे शेड्यूल से उन्हें आने वाले दिनों में दिक्कत हो सकती है। जानबूझकर वॉटरलोडिंग करने और ऐसी लाइफस्टाइल से उन्हें किडनी, गुर्दें और फर्टिलिटी संबंधी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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यही नहीं वो काफी मात्रा में स्टेरायड्स लेती हैं। इससे भी ज्यादा गंभीर ये कि वो इस्ट्रोजेन ब्लॉकर का इस्तेमाल करती हैं। औरतों में बनने वाला ये वो हॉर्मोन होता है जो उन्हें बच्ची से किशोरी और किशोरी से महिला बनने में मदद करता है। इस तरह का लाइफस्टाइल ना सिर्फ महिला बॉडी बिल्डर ले रही हैं बल्कि फिटनेस मॉडल भी इन्हें अपना रही हैं। अपनी बॉडी को सबसे फिट और मादक दिखाने के चक्कर में वो खुद का बुरा हाल ना बना लें, ऐसा डॉक्टरों का डर है।