मरे हुए लोगों की तस्वीरें खींचना। जी हां, वाराणसी में रहने वाले 67 साल के बिलार निसार की पिछली चार पुश्त घाट पर जाकर मृत लोगों की तस्वीरें खींचते हैं। वे इसके लिए 150 रुपए प्रति फोटो लेते हैं।
विज्ञापन
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
2 of 10
अब भारतीय रेलवे ज्यादातर जगहों पर इल्ट्रोनिक हो चुकें हैं। फिर भी रुड़क जैसी जगहों पर आज भी कुछ एक ऐसे स्टेशन है जहां रेलवे प्वाइंट्समैन को रखा जाता है। वो हाथ के इशारे से ट्रेन चलाने वाले को आगे बढ़ने का सिग्नल देता है। सभी तस्वीरें दओपनमैगजीन डॉटकॉम से।
विज्ञापन
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
3 of 10
कोलकाता में 170 ट्रैमकार्स हैं। इनमें से 119 प्वाइंट्स को कई बार लोगों की सहूलियतों के लिए बदला गया है। इसके लिए ट्रैम टैक चेंजर को रखा जाता है। उस आदमी की जिम्मेदारी होती है एक स्टील रॉड की मदद से ट्रैम के ट्रैक को हाथों से बदलना।
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
4 of 10
चीफ बॉल इंस्पेक्टर। क्या आपको पता है कि जिन गेंदों से हमारी टीम विदेशों के क्रिकेट खिलाड़ियों के छक्के छुड़ा देती है, उन्हें चुनने के लिए एक एक्सपर्ट को हायर किया जाता है? मिलिए 64 साल के वासी खान से जो चीफ बॉल इंस्पेक्टर हैं और पिछले 30 सालों से गेंदों की जांच करके ही उसे खेलने योग्य बताते हैं।
विज्ञापन
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
5 of 10
राजस्थान के कई किलों और नामी महलों में ऐसे काम के बंदे रखे जाते हैं जो कबूतरों को एक जगह जमा होने से रोकते हैं और वो भी झंडा फेरते हुए।
विज्ञापन
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
6 of 10
पंडा। ये वो लोग होते हैं जो हर घर में जन्म होते लोगों के जन्म के वक्त ब्यौरा रखते हैं। इनके पास कई बार 2000 से ज्यादा परिवारों की हर डीटेल मिल जाती है।
विज्ञापन
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
7 of 10
मैप मेकर। जी हां, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो भारत भर में घूम-घूम कर राहें बनाते हैं। हमारा मतलब है लोग और प्रशासन के लिए मैप तैयार करते हैं। जय कुमार एक ऐसे ही शख्स हैं। अब तक वो 1.7 किलोमीटर तक भारत में मैप बनाने का काम कर चुकें हैं।
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
8 of 10
मुंबई का म्यूनिसिपल कार्पोरेशपन हर साल 44 ऐसे लोगों को नौकरी पर रखता है जो गली-मोहल्लों से चूहे पकड़कर उन्हें हटाते हैं।
ऐसी भी हैं भारत में नौकरियां, हैरत में पड़ जाएंगे
9 of 10
राजस्थान के कुछ इलाकों में कुछ महिलाएं रूदाली का काम करती हैं। वो उन घरों में जाती हैं जिनके यहां किसी की मृत्यु हो गई होती है। वहां जाकर वो छाती पीटकर और चिल्ला-चिल्लाकर रोती हैं औइ इसी काम से रुपए कमाती हैं।
दिल्ली में बंदरों और लंगूरों की इतनी तादाद है कि उन्हें हटाने के लिए कई स्कूलों ने ऐसे बंदों को नौकरी पर रखा हुआ है जो इस बात का ख्याल रखें कि बंदर कहीं स्कूल की बाउंड्री में ना घुस जाएं।