झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में गुरुवार को बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच दो जगहों पर उग्र भीड़ ने छह लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। ग्रामीणों को शक था कि मारे गए लोग बच्चा चोर गिरोह के सदस्य हैं। इसके चार दिन पहले भी जादूगोड़ा में इसी तरह की अफवाह के बाद भीड़ ने दो अन्य लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और एडीजी (ऑपरेशंस) आर के मल्लिक ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया, "गुरुवार सुबह सरायकेला-खरसांवा जिले के राजनगर इलाके में उग्र ग्रामीणों ने तीन लोगों को मार डाला। वहीं देर शाम जमशेदपुर के बागबेड़ा में भी भीड़ ने तीन लोगों की हत्या कर दी। यह सब बच्चा चोर गिरोह की सक्रियता की अफवाह के कारण हुआ।"
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उन्होंने बताया कि इस अफवाह के बाद लोगों में असुरक्षा की भावना है और वे किसी भी अनजान को देखते ही उसे बच्चा चोर समझ कर हमला कर दे रहे हैं। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से देख रही है। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना के प्रभारी तिलेश्वर कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार तड़के कुछ लोग दो गाड़ियों में सवार होकर कहीं जा रहे थे।
तभी उनके बच्चा चोर होने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते तीन गांवों के हजारों लोग हथियारों के साथ एकत्र हो गए। शोभापुर गांव में भीड़ ने पीट-पीटकर कर इनकी हत्या कर दी। बीच बचाव करने गए पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। इसमें कुशवाहा समेत कुछ पुलिसवाले घायल हो गए। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस और कथित बच्चा चोरों की गाड़ी में आग भी लगा दी।
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दूसरी घटना - जमशेदपुर
जमशेदपुर स्थित वरिष्ठ पत्रकार मनोरंजन सिंह ने बीबीसी को बताया कि गुरुवार को ही देर रात बागबेड़ा इलाके में भी ऐसी ही अफवाह फैली। वो कहते हैं, "उग्र भीड़ ने तीन लोगों को पीट-पीट कर मार डाला।"
झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कोल्हान के डीआइजी प्रभात कुमार को जमशेदपुर में कैम्प लगाने को कहा है। जमशेदपुर व सरायकेला में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती के आदेश दिए गए हैं।
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100-100 अतिरिक्त पुलिस जवानों को दोनों जिलों मे नियुक्त कर दिया गया है। जमशेदपुर के रेल एसपी को भी तत्काल डीआईजी को रिपोर्ट करने को कहा गया है। डीजीपी ने बताया कि पूरे कोल्हान प्रमंडल के किसी गांव से बच्चा चोरी या गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है।
उन्होंने सीआइडी के एडीजी के हवाले से बताया कि हाल के दिनों में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। लिहाजा, यह सरासर अफवाह है।चौकीदारों को डुगडुगी बजाकर गांव वालों को इसकी जानकारी देने के आदेश दिए गए हैं।