जो हनीप्रीत राम रहीम की सबसे लाडली नजर आ रही है, वह पुलिस के लिए मोस्टवांटेड कैसे बन गई, इसे लेकर 4 वजहें सामने आ रही हैं। देखिए, एक नजर...
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माना जा रहा है कि डेरा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत की भी 25 अगस्त को डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश रचने में अहम भूमिका रही है, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया गया। सजा सुनाए जाने के दिन के बाद से गायब हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी करते हुए देश के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन सहित तमाम महत्वपूर्ण जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया गया। हिंसा की साजिश में शामिल हनीप्रीत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिल्हाल सूचना मिल रही है कि पुलिस ने उसे बीती रात मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर दिया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
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डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत के बाहर की एक वीडियो में हनीप्रीत ने किसी को भाई के नाम से बुलाया था। उसी दिन एक सुरक्षा कर्मी ने भी हनीप्रीत को दीदी के नाम से पुकारा था। इसी घटना के दौरान आरोपी सुरक्षा कर्मियों ने कहा था पिता जी को जाने नहीं देंगे। आखिरकार, डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश के तहत तो कहीं ऐसा नहीं हो रहा था कि सभी एक दूसरे को रिश्तेदारों की संज्ञा देते हुए पुकार रहे थे। पुलिस इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की भी छानबीन कर रही है कि यह भी कोई कोडवर्ड तो नहीं था।
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दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम के साथ रोहतक जेल तक आई उसकी गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं लगा है। राम रहीम के साथ रोहतक में नजर आने के बाद से वह न तो डेरे में मिली है और न ही डेरा प्रमुख के परिजनों के साथ दिखाई दी। चर्चा थी कि वह जेल से आने के आर्य नगर में किसी अनुयायी के घर पर रुकी थी। इसके बाद हनीप्रीत कहां गई, किसी को भी नहीं पता। राम रहीम दोषी करार दिए जाने के बाद रोहतक जेल में लाया गया था। उसके साथ हेलिकॉप्टर में उसकी गोद ली बेटी हनीप्रीत भी थी। वह राम रहीम के जेल जाने तक उसके साथ रही थी। चर्चा हुई थी कि हनीप्रीत जेल के अंदर भी गई थी।
25 अगस्त की रात पीटीसी सुनारिया से हनीप्रीत को अपने घर लाने वाले डेराप्रेमी संजय चावला ने दावा किया है कि उसके घर से सिरसा डेरा से आए प्रदीप कुमार और नंद कुमार इनोवा गाड़ी में हनीप्रीत को अपने साथ ले गए थे। वह वीटा मिल्क प्लांट से आगे गोहाना बाईपास से वापस आ गया था। बकौल संजय वह डेराप्रेमियों में जिले का प्रमुख भी नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि सिरसा डेरे से उसे हनीप्रीत को रिसीव करने की जिम्मेदारी क्यों दी गई? इतना ही नहीं, संजय बता रहा है कि हनीप्रीत ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा था कि जिस मकान में उसे भेजा जा रहा है, उसका मालिक संजय चावला को वह नहीं जानती। फिर हनीप्रीत का आर्य नगर में आना सवाल खड़े कर रहा है।