फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल जाने से पहले राम रहीम बना चुका था हजारों करोड़ की संपत्ति

Sat, 23 Sep 2017 11:06 AM IST
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो
विज्ञापन
1 of 4
डेरा सच्चा सौदा, मुख्यालय, सिरसा
रेप के आरोप में जेल जाने के बाद गुरमीत राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में छापा पड़ने के बाद ऐसी कई बातें सामने आई थी जिसने लोगों के होश उड़ा दिए थे।
अब ताजा खुलासे के अनुसार जांच एजेंसियों ने डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट की जायजाद का अंदाजा लगाना शुरू कर दिया है। हरियाणा के 16 जिलों में फैली इन जमीनों की सरकारी कीमत लगभग 1600 करोड़ रूपए बताई जा रही है। लेकिन इनका बाजार मूल्य और भी ज्यादा होने की उम्मीद है।
 
विज्ञापन

2 of 4
आलीशान, होटल, शापिंग मॉल 
द इंडियन एक्सप्रेस से मिली जानकारी के मुताबिक सिरसा जिले के छह तहसीलों में डेरा की लगभग 953 एकड़ जमीन है, जिसकी कुल कीमत 1,435 करोड़ रुपये है। सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बने फाइव स्टार होटल, एक सिनेमा हॉल, एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, आठ शैक्षणिक संस्थान, एक शॉपिंग मॉल, क्रिकेट स्टेडियम और महलों के साथ कई घरों को इस भूमि मूल्यांकन से बाहर रखा गया है।
विज्ञापन

3 of 4
करोड़ों के आलीशान नाम चर्चा घर
सिरसा के डेरा मुख्यालय के अलावा गुरमीत राम रहीम ने 15 जिलों में आलीशान नाम चर्चा घर भी बनवा रखे थे। इन छोटी संपत्तियों को भी जमीन मूल्य के साथ जोड़ा गया है। अंबाला जिले में डेरा की जमीन और अन्य संपत्तियों का लगभग 33 करोड़ का आंकलन किया गया है, जिनमें 14 नाम चर्चा घर शामिल है। 

हालांकि, डेरा मुख्यालय सिरसा के पड़ोसी जिले फतेहाबाद में नाम चर्च घर की 23 शाखाएं हैं, जिनमें ज्यादातर गांवों में हैं। फतेहाबाद जिले में जमीन और संबंधित संपत्तियों की लागत का अनुमान 20.70 करोड़ रुपए है। जांच के दौरान, अधिकारियों ने राम रहीम के ट्रस्ट द्वारा कुछ जगहों पर भूमि अतिक्रमण और निर्माण योजनाओं का उल्लंघन जैसा मामला भी पाया है। एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक डेरा ने झज्जर में वक्फ बोर्ड की भी संपत्ति पर कब्जा कर रखा है।
विज्ञापन

4 of 4
कोर्ट में रखा जाएगा ब्यौरा
हरियाणा डीजीपी बीएस संधू ने कहा, "संपत्ति के सभी विवरण पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में 27 सितंबर को प्रस्तुत किए जाएंगे। अगली कार्रवाई केवल न्यायालय को रिपोर्ट सौंपने के बाद ही की जाएगी।" सिरसा में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है, जो डेरा से संबंधित मामलों को देखेगा।

इन सबके बीच डेरा प्रवक्ता संदीप मिश्रा ने कहा,'उच्च न्यायालय ने संपत्ति के मूल्यांकन का आदेश दिया था लेकिन प्रशासन ने इन सभी संपत्तियों को अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है। हम सिरसा में अस्पताल के कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे।' आगे डेरा का पक्ष रखते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि डेरा एक पंजीकृत ट्रस्ट है और इसकी प्रत्येक संपत्ति का मूल्यांकन किया गया है और नियमों के अनुसार सरकार को टैक्स का भुगतान भी किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें