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ऐसा क्या हुआ कि भाई ने बहन की आंखें फोड़ दी, उंगली काट दी

Thu, 01 Dec 2016 12:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखीमपुर 
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर एक भाई इस कदर बेरहम हो गया कि उसने इंसानियत तो शर्मशार कर दिया। लखीमपुर के परौरी गांव में भाई ने अपनी बहन पर जानलेवा हमला करते हुए उसकी आंखें फोड़ दी। इतना ही नहीं उसने पीड़िता की दांत से उंगली चबा डाली। गांव में चर्चा हो रही है कि आरोपी ने रेप नहीं कर पाया इसलिए उसने ऐसा खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

आरोपी को मानसिक रोगी बताया जा रहा है, लेकिन पिता ने उसके खिलाफ हत्या करने की कोशिश का केस दर्ज करा दिया है। मंगलवार की रात भाई बदलू कमरे में और बहन कन्या देवी बाहर टीन के नीचे सो रही थी। इस बीच रात करीब 12 बजे बदलू ने सोती हुई देवी पर हमला कर दिया।
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ऐसा क्या हुआ कि भाई ने बहन की आंखें फोड़ दी, उंगली काट दी

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विरोध करने पर वह उसकी पिटाई करने लगा और देवी की आंखें बुरी तरह जख्मी कर दी। बदलू का इतने से मन नहीं भरा और उसने पीड़िता की उंगली को दांत से चबा डाला। चीख सुनने के बाद बीच-बचाव के लिए आए पिता को भी उसने धक्का मार दिया। शोर होने पर आसपास के लोग वहां जमा हो गए, तब कहीं जाकर उसे दबोचा जा सका। घटना के बाद से गांव में हड़कंप मच गया।
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गिरफ्त में आया आरपी भाई
घायल देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक के मानसिक बीमार होने की बात कही जा रही है। पिता कांशीराम कश्यप ने बताया कि उनके एक बेटा और चार बेटियां हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। 27 वर्षीय पुत्री कन्या देवी अविवाहित है।

ऐसा क्या हुआ कि भाई ने बहन की आंखें फोड़ दी, उंगली काट दी

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attack
सूचना पर रात में ही मौके पर पहुंची पुलिस ने तड़प रही कन्या देवी को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाल राम जी चौधरी ने बताया कि मामले की जांच चौकी इंचार्ज कफारा अनिल पांडेय को सौंपी गई है। युवक की हरकतें देखकर दिमागी हालत कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन पिता कांशीराम का कहना है कि उसका कहीं इलाज नहीं चल रहा है।
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वह इसे ऊपरी साया बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी घर में मारपीट कर चुका है, लेकिन उसकी ऐसी हालत पहली बार हुई। जख्मी आंखें लिए कन्या देवी दिनभर जिला अस्पताल में कराहती रही, लेकिन उसकी इलाज नहीं हो सका।

वजह थी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ आरसी अग्रवाल और डॉ पूनम वर्मा का छुट्टी पर होना। हालांकि सीएमओ डॉ जावेद अहमद और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ मनोज कुमार भी नेत्र सर्जन हैं, फिर भी कन्या देवी की आंखों को इलाज नहीं हो सका।
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