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आतंक के वो 5 मोस्ट वांटेड चेहरे, जिन्हें सेना ने चुन-चुन कर मारा

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मोस्ट वांटेड
भारतीय सुरक्षाबलों ने जम्मू में एक और आतंकी को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि आतंकी कयूम नजर घाटी में कई सालों से सक्रिय था। मंगलवार को वह अपने आकाओं की इजाजत से कमान संभालने घाटी लौटा था कि सीमा पर ही मौत के घाट उतार दिया गया।

कयूम से पहले घाटी में कई आतंकियों को मौत की नींद सुलाया जा चुका है जानिए कुछ ऐसे ही नामों के बारे में। 
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abu ismail
अबु इस्माइल
अमरनाथ यात्रियों पर हमले का मास्टरमाइंड लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर अबु इस्माइल बड़ी आसानी से सुरक्षाबलों ने मार गिराया। वह 10 लाख का इनामी था। वह ए डबल प्लस कैटगरी का आतंकी था। पुलिस ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। अबु दुजाना के मारे जाने के बाद उसके पास लश्कर की कमान थी। 
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अबु दुजाना
अबु दुजाना
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सेना के एक ताबड़तोड़ ऑपरेशन में लश्कर के दो आतंकियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों में एक लश्कर ए तैयबा का टॉप कमांडर अबु दुजाना था। जो कि पहले कई बार सेना की घेराबंदी से भागने में कामयाब हुआ था। लश्कर के खूंखार आतंकी अबू कासिम के मारे जाने के बाद अबु दुजाना को कमान सौंपी गई थी। 

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अबु कासिम
अबु कासिम
लश्कर-ए-तैयबा का चीफ और पाकिस्तान के भावलपुर का रहने वाला मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल रहमान उर्फ अबु क़ासिम कुलगाम में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान ढेर किया गया।
अबू कासिम पर 20 लाख का इनाम था। कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सैयद जावेद मुज्तबा गिलानी के मुताबिक कासिम ने दो बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया था। जिनमें जम्मू के उधमपुर में बीएसएफ के काफ‌िले पर हमला और जम्मू कश्मीर पुलिस के एनकाउंटर सेल के सब-इंस्पेक्टर की बांडीपुरा में हत्या शामिल था।
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sabzar bhat
सब्जार भट्ट
हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी के मारे जाने के बाद अस्थायी रूप से हिज्ब की कमान सब्जार अहमद भट्ट को सौंपी गई थी। दक्षिणी कश्मीर के कई युवाओं को अपने संगठन में शामिल करने में सब्जार ने बड़ी भूमिका निभाई थी। कहा जाता है कि सब्जार अहमद भट को मोहब्बत में मिली नाकामी ने खूंखार आतंकी सरगना बना दिया। लड़की के घरवालों द्वारा निकाह की गुजारिश ठुकरा देने के बाद 2015 में वह हिजबुल में शामिल हो गया। इसके लिए उसने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर अपनी काबिलियत साबित की थी। अपनी क्रूरता के चलते जल्दी ही वह बुरहान वानी का दाहिना हाथ बन गया। 
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burhan wani
बुरहान वानी
हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को पिछले साल जुलाई में अनंतनाग के पास मुठभेड़ में मार गिराया गया। बुरहान पर दस लाख रुपये का इनाम था। घाटी में युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती करने के लिए बुरहान काफी चर्चित रहा है। वह पाकिस्तान की मदद के बगैर ही आतंकी वारदातों को अंजाम देने तथा आतंकी संगठन को सक्रिय करने में जुटा हुआ था। पुलवामा तथा त्राल इलाके में वह ज्यादा सक्रिय था। 
 
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