बरसात के मौसम में उमरिया जिले के जोहिला फॉल, झोझा वॉटरफॉल और कोडार फॉल्स प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जोहिला फॉल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास स्थित है और इसकी तेज जलधारा व हरियाली मन को मोह लेती है।
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मानसून में फिर जगा विंध्य के जलप्रपातों का सौंदर्य
- फोटो : अमर उजाला
मानसून ने विंध्य क्षेत्र के जलप्रपातों में एक बार फिर जीवन भर दिया है। उमरिया जिले के जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित जोहिला फॉल, झोझा वॉटरफॉल और कोडार फॉल्स इन दिनों अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। हरियाली से आच्छादित पर्वतीय इलाकों में गिरते झरनों की जलधारा और उसकी कलकल करती आवाज मन को शांति देती है।
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जोहिला फॉल
- फोटो : अमर उजाला
जोहिला फॉल
उमरिया के मानपुर क्षेत्र में स्थित जोहिला फॉल इस मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। यह जलप्रपात जोहिला नदी पर स्थित है, जो कि सोन नदी की सहायक है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे इस फॉल की विशेषता इसकी प्रचंड जलधारा और समृद्ध जैव विविधता है। शहडोल से 38-45 किलोमीटर और उमरिया से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थल मानसून के समय अत्यंत रमणीय हो जाता है। हालांकि बारिश के समय जलस्तर अधिक होने से खतरा भी बना रहता है।
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झोझा वॉटर फॉल
- फोटो : अमर उजाला
झोझा वॉटर फॉल
चंदिया से लगभग 7 किलोमीटर दूर झुंझुन नदी पर स्थित झोझा वॉटर फॉल भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चट्टानों से गिरती जलधारा और उसके पास बनी प्राकृतिक झील इस स्थल की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती है। मानसून और सर्दियों में यहां की हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और वनस्पतियों की विविधता प्रकृति प्रेमियों को खासा लुभाती है।
स्थानीय पर्यटन को मिल रहा है बढ़ावा
- फोटो : अमर उजाला
कोडार फॉल्स
जोहिला नदी की एक शाखा पर स्थित कोडार फॉल्स घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। यह झरना ट्रेकिंग, पिकनिक और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए आदर्श स्थल बन चुका है। इसकी शुद्ध हवा और जलधारा की मधुर ध्वनि मन को सुकून देती है। हालांकि बरसात के मौसम में इसका तेज प्रवाह खतरनाक हो सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।