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Holi 2023: बुंदेलखंड के रंगों से पूरा देश खेलता है होली, इन पहाड़ों से बनते हैं रंग-बिरंगे गुलाल

Wed, 08 Mar 2023 08:04 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड अपनी लोक-कला, संस्कृति और अनूठे खान पान के लिए जाना जाता है। लेकिन शायद आप नहीं जानते होंगे कि बुंदेलखंड देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक और खास चीज के लिए जाना जाता है, वह चीज है गुलाल, जिसके बिना होली का त्योहार अधूरा है। मध्य प्रदेश के साथ ही देश के कई हिस्सों में बुंदेलखंड के टीकमगढ़ से गुलाल भेजा जाता है। यहां के गुलाल की मांग विदेशों तक में है। 
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पायरो फ्लाइट डायस्पॉर के पहाड़ के पत्थर से बनता है गुलाल - फोटो : सोशल मीडिया
टीकमगढ़ में है गुलाल का पहाड़
पूरी दुनिया जिस गुलाल से होली खेलती है वह पायरो फ्लाइट डायस्पॉर के पहाड़ के पत्थर से बनता है। ये पहाड़ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में मौजूद हैं। इन पत्थरों से बनने वाले गुलाल की मांग देश के कई हिस्सों के साथ ही विदेशों में भी है। टीकमगढ़ जिले के कारी नगर परिषद क्षेत्र में पायरो फ्लाइट डायस्पॉर के पहाड़ मौजूद हैं, जो एशिया की नंबर वन पॉयरो फ्लाइट डायस्पॉर खदान मानी जाती है। यहां घने वन भी मौजूद हैं। हालांकि इस पत्थर के पहाड़ टीकमगढ़ के अलावा  बुंदेलखंड के छतरपुर, झांसी, महोबा और ललितपुर जिले में भी हैं। लेकिन यदि गुणवत्ता की बात करें तो टीकमगढ़ के पहाड़ों की क्वालिटी सबसे बेहतर है। 
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पत्थरों की ग्रेडिंग के बाद निकलता है गुलाल - फोटो : सोशल मीडिया
विदेशों में भी भेजा जाता है पायरो फ्लाइट डायस्पॉर 
टीकमगढ़ के पायरो फ्लाइट डायस्पॉर पत्थर की डिमांड भारत के साथ ही चीन, स्पेन, अमेरिका, ब्रिटेन, ताइवान में भी है। यहां के पत्थर से बनने वाला गुलाल सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के हाथरस में भेजा जाता है। पत्थरों की ग्रेडिंग करने के बाद गुलाल निकलता है, जो कि होली के त्योहार में बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। 
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