मध्य प्रदेश में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। प्रदेश के सभी जिलों में मंदिरों में सुबह से भीड़ लगी रही। इस वर्ष जन्माष्टमी पर कई शुभ योगों का संयोग बना, जिससे इसे और भी खास बना दिया। विद्वानों के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, तब भी इसी तरह का योग बना था। उस समय भी रोहिणी नक्षत्र के साथ चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित थे, और इस वर्ष भी यही संयोग बन रहा है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
शाजापुर में संघ के घोष दल ने किया बांसुरी वादन
शाजापुर में जन्माष्टमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घोष दल ने प्रमुख कृष्ण मंदिरों में पहुंचकर बांसुरी वादन किया। भगवान श्री कृष्ण की अनोखे अंदाज में आराधना की गई। शहर के मंदिरों में आकर्षक साज सज्जा की गई है। शाम के समय मटकी फोड़ के आयोजन भी किए गए।
खंडवा में लक्ष्मी नारायण मंदिर में विशेष झांकी
खंडवा के प्रमुख मंदिरों में फूलों और विद्युत सज्जा से विशेष सजावट की गई है। भगवान श्रीकृष्ण के लिए माखन-मिश्री और पंजरी का भोग तैयार किया गया है। शहर के श्रीकृष्ण मंदिरों में रात 12 बजे से जन्मोत्सव की आरती की जाएगी। साथ ही नगर के प्रमुख स्थानों जैसे सिनेमा चौक, शनिमंदिर और घंटाघर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। शहर के श्री सत्य लक्ष्मी नारायण मंदिर में विशेष झांकी सजाई गई है, जिसमें बाबा अमरनाथ का दरबार भी शामिल होगा। झांकी में बर्फ की शिलाओं से विशाल शिवलिंग बनाया जाएगा। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत अभिषेक, शृंगार दर्शन, और रात 12 बजे जन्मोत्सव की आरती की जाएगी। भगवान को इस अवसर पर लाल मखमली ड्रेस में सजाया जाएगा। श्री राधाकृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी के मौके पर भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। रात 4 बजे से 12 बजे तक भजन गायक सोनम पगारे और उनकी टीम द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। यादव समाज द्वारा सुबह 10 बजे से श्री राधाकृष्ण मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो मालीकुआं स्थित हिंगलाज माता मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाज के वरिष्ठों का सम्मान किया जाएगा।